महिला मरीज की मौत के मामले में IMA आगे आया:डाक्टर बनौधा बोले पूरा मामला एक षडयंत्र था,पीड़ित पुत्र बोला पैसा लेकर मेरी मां लौटा दो

अयोध्या के निर्मला हॉस्पिटल में ओवरडोज इंजेक्शन देने से महिला मरीज की मौत के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए निर्मला हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर आरके बनोधा के बचाव में उतर आया है। आईएमए ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डॉक्टर आरके बनोधा का पक्ष रखा। इस दौरान डॉक्टर आरके बनोधा ने कहा कि लखनऊ के मैक्स अस्पताल में महिला की मौत हुई है उस डेथ सर्टिफिकेट में हाइपर डोज से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है, उसकी मौत उसकी बीमारी से हुई है। हाइपर डोज देने के स्वीकार करने के मामले में डॉक्टर बनोधा ने कहा कि हमारे अस्पताल की एक स्टाफ आरोप लगाने वाले की रिश्तेदार और ईएमओ डॉक्टर संदीप सिंह से जबरदस्ती लिखवाया गया कि मरीज को हाइपर डोज दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अस्पताल में नंगा नाच किया गया अस्पताल में तोड़फोड़ की गई। अस्पताल को जलाने की कोशिश की गई थी उससे हमारा स्टाफ सहम गया था। अस्पताल के स्टाफ से जो की पीड़ित की रिश्तेदार थी उससे फोन टेप कराया गया। जिस क्रम से घटनाएं घटी उससे लगता है अस्पताल के खिलाफ षडयंत्र किया गया। उन्होंने कहा कि एक से फोन टैप किया गया दूसरे से लिखवाया गया। डॉक्टर नहीं चाहता उसकी मरीज की मौत हो वहीं दूसरी तरफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी डॉक्टर नहीं चाहता उसकी मरीज की मौत हो, डॉक्टर मरीज को बचाने की पूरी कोशिश करता है, निर्मला अस्पताल में जो भी कुछ हुआ षडयंत्र के तहत हुआ,मैक्स हॉस्पिटल ने जो डेथ बुक दिया है उसमें भी डेथ आफ काज हाइपर डोज इंजेक्शन नहीं बताया है, हर डॉक्टर चाहता है कि उसका मरीज स्वस्थ हो जल्द ठीक हो। दरअसल चार दिन पूर्व निर्मला हॉस्पिटल में डॉक्टरो पर आरोप लगा कि उसके स्टाफ ने वेंटिलेटर पर भर्ती महिला मरीज को ओवरडोज इंजेक्शन दिया गया जिसकी उसकी हालत खराब हुई और उसे लखनऊ के मैक्स अस्पताल में भर्ती कर गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसकी शिकायत पुलिस और सीएमओ से की गई, इस मामले में सीएमओ ने अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया है और मरीज भर्ती पर भी रोक लगा दी है और जांच जारी है। पीड़ित पुत्र ने सारे आरोपों को मनगढंत और बेबुनियाद बताया, बोला- हम न्याय के लिए संघर्ष करेंगे दूसरी ओर पीड़ित पुत्र सुनील कौशल ने कहा है कि निर्मला अस्पताल हम से धन लेकर मेरी मां के जीवन को लौटा दे। अस्पताल की ओर से लगाए जा रहे सारे आरोप मनगढंत और बेबुनियाद हैं।हम न्याय के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने के लिए संकल्पित हैं।हम कल 22 दिसंबर को मीडिया के सामने अपना पूरा पक्ष रखने जा रहे हैं।