महोबा जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी:इमरजेंसी वार्ड में मरीज बेहाल, परिजन खुद कर रहे इलाज

महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज बेड से नीचे गिर रहे हैं और उनके परिजन खुद ही मरहम-पट्टी करने को मजबूर हैं। यह स्थिति अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाती है। जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। वीडियो में सड़क हादसे में घायल हुए सोनू और पुष्पेंद्र नामक युवक आधे घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते दिखे। इस दौरान एक घायल मरीज बेड से नीचे गिर गया, लेकिन उसे उठाने के लिए कोई स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। अस्पताल की इस स्थिति के कारण तीमारदार खुद ही मरीजों का इलाज करने को विवश हैं। सिरमौर गांव से आए घायल के परिजन दिलीप ने बताया कि वार्डबॉय की अनुपस्थिति में उन्होंने खुद ही मरीज के जख्मों पर पट्टी बांधी। पुष्पेंद्र के भाई शिवम और बीजा नगर के वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि घंटों गुहार लगाने के बावजूद इमरजेंसी वार्ड में उनकी सुनवाई नहीं हुई। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नवीन चौहान ने भी स्टाफ की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि पूरे इमरजेंसी वार्ड की जिम्मेदारी मात्र दो-तीन कर्मचारियों पर है, जिससे एक साथ कई घायल आने पर स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर चौहान ने सीएमएस से स्टाफ बढ़ाने की मांग की है।