महोबा जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक रघुवीर सिंह तोमर को 35 वर्ष की बेदाग सेवा के बाद अनोखे अंदाज में विदाई दी गई। उन्हें घोड़ी पर बैठाकर, ढोल-नगाड़ों और अबीर-गुलाल के साथ विदा किया गया। यह समारोह किसी उत्सव से कम नहीं था। बुंदेलखंड के महोबा में आयोजित यह विदाई सामान्य सेवानिवृत्ति कार्यक्रमों से अलग नजर आई। पूरा माहौल किसी बड़े जश्न या विवाह समारोह जैसा दिख रहा था। कार्यालय के सहकर्मियों ने डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यालय परिसर में आयोजित औपचारिक समारोह से हुई। इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा सहित समस्त स्टाफ ने रघुवीर सिंह तोमर को पुष्पमाला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें दूल्हे की तरह सुसज्जित कर घोड़ी पर बैठाया।
बीएसए राहुल मिश्रा ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि रघुवीर सिंह विभाग की रीढ़ रहे हैं। उन्होंने मानव जीवन के तीन महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। जिनमें शिक्षा, विवाह और सेवानिवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विशेष आयोजन उनके तीसरे पड़ाव को यादगार बनाने का प्रयास है।
इस अवसर पर रघुवीर सिंह तोमर भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी शादी का दिन याद आ गया, जब वे घोड़ी पर बैठकर दुल्हन लेने गए थे। उन्होंने कहा, “आज सेवा की दूसरी पारी समाप्त कर जीवन की तीसरी पारी में प्रवेश कर रहा हूं। साथियों ने फिर से वही सम्मान दिया है। यह मेरे जीवन का सबसे अनमोल क्षण है।” उन्होंने अपने जूनियर साथियों को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का संदेश भी दिया। विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों ने नाच-गाकर उन्हें विदाई दी। घोड़ी पर कुछ दूरी तक शौर्य प्रदर्शन और जश्न के बाद उन्हें सजी हुई रॉयल वेडिंग कार में बैठाकर ससम्मान उनके घर तक पहुंचाया गया।