मायावती बोलीं- कमर कस लीजिए, विधानसभा चुनाव नजदीक:पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही; 403 सीटों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सभी को SIR और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक्टिव रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- अब समय कम बचा है, ऐसे में सभी को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। आपको पता होगा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में प्रदेश मंडल अध्यक्ष, 403 विधानसभा सीटों के प्रभारी और भाईचारा समिति के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। संगठन विस्तार, जनाधार बढ़ाने और सालभर की गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। पहले तस्वीरें- बैठक में मायावती ने क्या-क्या कहा? 1. संगठन को मजबूत करना होगा
मायावती ने कहा- पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगान होगा। जनता के बीच जाना होगा। पार्टी की गतिविधियों को और तेज करना होगा। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए रणनीति के तहत काम करना होगा। 2. हर विधानसभा सीट पर काम करना होगा
मतायावती ने कहा- प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर काम करना होगा। हर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी संभाल रहे बसपा नेता अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। जनता से सीधा संपर्क बढ़ाएं। पार्टी के पिछले काम और आगामी योजना के बारे में बताएं। 3. विरोधी दलों की साजिशों से सतर्क रहें
मायावती ने आरोप लगाया- विपक्षी दल बसपा को कमजोर करने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। कार्यकर्ताओं को ऐसी कोशिशों को समझना होगा। ऐसे हर षड्यंत्रों से से सावधान रहना होगा। 4. धर्म की राजनीति से समाज में जहर घोल रहे
मायावती ने कहा- धर्म और जाति की राजनीति से समाज में जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा। ब्राह्मणों की उपेक्षा की बात किसी से छिपी नहीं है। विरोधी दल ऐसी हरकतों को बढ़ावा देकर समाज में नफरत फैला रहे। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। 5. संसद में जारी गतिरोध पर नाराजगी जताई
मायावती ने संसद सत्र को लेकर कहा कि सत्ता और विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। संसद को चलाने के लिए जो कानून और नियम बने हैं, उन पर गंभीरता से अमल होना चाहिए। टैरिफ, महंगाई और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन पर चर्चा की बजाय राजनीतिक ड्रामा हो रहा है। सत्ता और विपक्ष की आपसी लड़ाई के कारण जनता से जुड़े मुद्दे दरकिनार किए जा रहे हैं। बैठक से निकलकर पदाधिकारियों ने क्या कहा? बसपा 2012 में सत्ता से बाहर हुई, इसके बाद से ग्राफ गिरता गया बसपा 2012 में यूपी की सत्ता से बाहर हुई थी। इसके बाद से पार्टी का ग्राफ लगातार गिरता गया। 2022 के चुनाव में सिर्फ एक विधानसभा सीट जीत पाई। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुला। राजनीतिक जानकार कहते हैं- अर्श से फर्श का सफर तय करने वाली बसपा को मायावती संजीवनी दिलाने में जुटी हुई हैं। ———————– ये खबर भी पढ़िए- यूपी में 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं:दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार जल्द; गुजरात मॉडल अपनाने की तैयारी यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्‌टी कर नई टीम भी उतार सकती है। पढ़िए खास खबर…