‘बिहार में निष्पक्ष चुनाव नहीं होने से कई सीटें हमारे हाथ से निकल गईं। इसके बावजूद कैमूर जिले की रामगढ़ सीट से बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव की शानदार जीत हुई। यह कार्यकर्ताओं की बहादुरी का नतीजा है। विरोधी दलों और प्रशासन पर षड्यंत्रों को हमारे बहादुर कार्यकर्ताओं ने फेल कर दिया।’ यह बात बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया। पढ़िए मायावती ने और क्या कहा प्रशासन-विरोधियों का खेल फेल
मायावती ने कहा- रामगढ़ सीट पर सतीश यादव की जीत पार्टी के हर सदस्य की मेहनत का फल है। सभी को हार्दिक बधाई। बसपा प्रत्याशी को हराने का काफी प्रयास किया गया। इसके लिए वोटों की गिनती को बार-बार कराने के बहाने प्रशासन और सभी विरोधी पार्टियां एकजुट हो गईं। बीएसपी उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया। लेकिन, हमारे बहादुर कार्यकर्ताओं ने डटे रहकर सबको करारा जवाब दिया। उनका षड्यंत्र नाकाम कर दिया। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं मायावती ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी बसपा ने कांटे की टक्कर दी। फीडबैक के मुताबिक, अगर चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होता तो हम और भी कई सीटें जीत जाते। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। बसपा आगे से खून-पसीना बहाकर बिहार को डॉ. अंबेडकर और कांशीराम के सपनों की धरती बनाएगी। मायावती बोलीं- घबराओ मत, तैयारी दोगुना करो
चुनावी हार-जीत के बीच मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला भी बढ़ाया। कहा कि पार्टी के लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं। हम आगे और ज्यादा तैयारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने बिहार चुनाव में ‘खून-पसीना’ बहाने वाले सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का आभार जताया। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया- बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहें। जिससे यह धरती ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सपनों को साकार करे। बसपा ने 7 सीटों पर दमदार मौजूदगी दर्ज कराई
बसपा ने बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि, चुनाव में वह 181 सीटों पर ही लड़ी। कई सीटों पर बीच में प्रत्याशियों ने साथ छोड़ दिया। बिहार की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ मायावती के भतीजे आकाश आनंद को सौंपी गई थी। आकाश ने बिहार में 6 से अधिक रैली और नुक्कड़ सभाएं की थीं। बसपा का पूरा फोकस यूपी से सटे कैमूर और रोहतास जिलों पर था। दोनों जिलों में बसपा ने 7 सीटों पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। कैमूर जिले की रामगढ़ सीट सतीश कुमार यादव उर्फ पिंटू यादव कांटे के मुकाबले में 30 मतों के अंतर से जीतने में सफल रही। बसपा का वोट प्रतिशत 2020 की तुलना में 1.02% बढ़कर 1.62% तक पहुंचा है। बसपा ने रामगढ़ के अलावा करगहर विधानसभा पर जदयू को कड़ी टक्कर दी। यहां पार्टी प्रत्याशी उदय प्रताप सिंह 56 हजार से ज्यादा वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। जबकि मोहनिया, भभुआ, चैनपुर, बक्सर और राजपुर विधानसभा सीटें महागठबंधन बसपा की दमदार प्रदर्शन के चलते हारी। इन सीटों की त्रिकोणीय लड़ाई में एनडीए जीतने में सफल रही। ————————— ये खबर भी पढ़ें राबड़ी आवास खाली, रोहिणी के बाद 3 बेटियां दिल्ली रवाना, रोहिणी बोलीं-मुझे मारने के लिए चप्पल उठाई बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार में टकराव बढ़ गया है। राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने के ऐलान के एक दिन बाद रोहिणी आचार्य ने एक के बाद एक 2 सोशल मीडिया पोस्ट कर तेजस्वी यादव और संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए। पूरी खबर पढ़ें