मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग का रात्रिकालीन अभियान:अवैध शराब तस्करी रोकने के लिए अधिकारियों ने की चेकिंग

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक व्यापक रात्रिकालीन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सभी आबकारी निरीक्षक और उनका स्टाफ शामिल है। यह अभियान मुख्य रूप से मीरापुर रोड पर स्थित ढाबों, जानसठ क्षेत्र की शराब दुकानों और मुझेड़ा टोल प्लाजा के आसपास केंद्रित है। विभाग का उद्देश्य रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और जिले में शराब संबंधी अपराधों को नियंत्रित करना है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने स्वयं मौके पर उपस्थित होकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सभी आबकारी निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के लिए टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। एक टीम मीरापुर रोड पर स्थित ढाबों और होटलों की गहन जांच कर रही है। इन स्थानों पर अक्सर अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री की शिकायतें मिलती रही हैं। टीम ढाबा मालिकों के लाइसेंस की जांच कर रही है और बिना अनुमति के शराब रखने या बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। दूसरी टीम जानसठ क्षेत्र में स्थित शराब की दुकानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यहां दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और लाइसेंस की वैधता की बारीकी से जांच की जा रही है। रात के समय दुकानों के बाहर या आसपास अवैध बिक्री को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। जानसठ क्षेत्र में पहले भी अवैध शराब से जुड़ी कुछ घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण इस इलाके को प्राथमिकता दी गई है। आबकारी निरीक्षक स्टाफ के साथ मिलकर वाहनों की भी तलाशी ले रहे हैं, ताकि आसपास के गांवों या शहरों से आने वाली अवैध शराब को पकड़ा जा सके। तीसरी प्रमुख टीम मुझेड़ा टोल प्लाजा पर तैनात है। टोल प्लाजा होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों की संख्या अधिक रहती है, और तस्कर अक्सर रात के अंधेरे में बड़े वाहनों में शराब की खेप ले जाते हैं। टीम यहां आने-जाने वाले ट्रकों, कारों और अन्य वाहनों की रैंडम चेकिंग कर रही है। विशेष रूप से हरियाणा या दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि अंतरराज्यीय तस्करी के मामले यहां आम हैं। मुजफ्फरनगर जिला, जो सहारनपुर मंडल का हिस्सा है, कृषि और उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन अवैध शराब की तस्करी यहां एक चुनौती बनी हुई है। राकेश बहादुर सिंह ने बताया जनता की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने और स्थानीय लोगों से सहयोग मांगने के निर्देश भी दिए। अभियान के दौरान आबकारी विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और रात भर चेकिंग जारी रखेंगी। अगर कोई अवैध शराब पकड़ी जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। जिला प्रशासन ने भी इस अभियान को समर्थन दिया है और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।