अखिल भारतीय हिंदी परिषद की प्रदेश मंत्री रीता पाल ने मुरादाबाद कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने हाल ही में आयोजित प्रतिस्पर्धा खेल प्रतियोगिता में मुरादाबाद के बच्चों को नकद पुरस्कार न मिलने का मुद्दा उठाया। रीता पाल ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मुरादाबाद के बच्चों के लिए घोषित नकद पुरस्कार अब तक वितरित नहीं किए गए हैं। इसके विपरीत, अमरोहा, संभल, रामपुर और बिजनौर जिलों के बच्चों को उनके पुरस्कार मिल चुके हैं। रीता पाल के अनुसार, मुरादाबाद के लगभग 100 प्रतिभागी बच्चे अभी भी अपने नकद पुरस्कार से वंचित हैं। इस स्थिति से बच्चों और उनके अभिभावकों में गहरा रोष है। बच्चों का आरोप है कि विजेता होने के बावजूद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मुरादाबाद के सभी पात्र बच्चों को जल्द से जल्द उनके घोषित नकद पुरस्कार दिए जाएं और पुरस्कार वितरण में हुई देरी का कारण भी स्पष्ट किया जाए। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि तीन दिन के भीतर पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि निर्धारित समय-सीमा में समस्या का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित पक्षों को दोबारा बुलाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।