अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की छात्रा का हिंदू महिलाओं को जिंदा जलाने की बात कहने का वीडियो सामने आया है। महिला दिवस से ठीक पहले इंदिरा गांधी हॉल की छात्रा ने यह वीडियो बनाया। छात्रा ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए दूसरे धर्म के इतिहास पर तीखी टिप्पणी की है, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है। ‘हमे सहानुभूति की जरूरत नहीं’ वीडियो में छात्रा का लहजा काफी आक्रामक और सीधा है। वह इस्लाम में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते नजर आ रही हैं। वीडियो में छात्रा ने कहा कि जो लोग इस्लाम को लेक्चर दे रहे हैं, वे पहले अपना इतिहास पलटकर देखें कि वहां कैसे औरतों को जिंदा जला दिया जाता था। छात्रा का यह इशारा सीधे तौर पर ‘सती प्रथा’ की ओर माना जा रहा है। छात्रा ने वीडियो में आगे कहा कि हमारी औरतें पहले भी सम्मानित थीं और इंशाअल्लाह आगे भी सम्मानित रहेंगी। लोगों को हमारे प्रति ‘सहानुभूति’ दिखाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमें पता है कि हमें अपने अधिकार कैसे लेने हैं। इंटरनेट पर छिड़ा संग्राम, कार्रवाई की मांग वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां एक पक्ष इसे छात्रा की ‘बेबाकी’ और ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ बता रहा है, वहीं दूसरा बड़ा पक्ष इसे ‘हेट स्पीच’ करार दे रहा है। कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए छात्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और यूनिवर्सिटी से निष्कासन की मांग की है। वीडियो की जानकारी की जा रही इस संबंध में एएमयू के मेंबर इंचार्ज विभा शर्मा का कहना है कि वीडियो वायरल होने पर जांच पड़ताल कराई गई, लेकिन इसका कोई पता नहीं चल सका है। यह एएमयू के किसी कार्यक्रम का वीडियो नहीं है। वहीं, संस्थान में हजारों विद्यार्थी हैं, ऐसे में यह भी अभी पता नहीं चल सका है कि यह छात्रा कौन है। उधर, वायरल वीडियो भी अधूरा है।