लखनऊ नगर निगम का आज सामान्य सदन हुआ। सुबह 11 से शाम 7 बजे तक सदन चला। बीच में 30 मिनट और 10 मिनट के लिए 2 बार सदन स्थगित हुआ। सपा और कांग्रेस पार्षद सामान्य सदन से पहले पुनरीक्षित बजट को लेकर हंगामा किया। भाजपा पार्षद एकजुट होकर मेयर के पक्ष में आ गए। मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- मैंने सामान्य सदन और पुनरीक्षित बजट दोनों का प्रस्ताव भेजा था। सामान्य सदन 4 महीने से नहीं हुआ था, इसलिए पहले सामान्य सदन रखा गया है। अपर आयुक्त ललित कुमार ने जवाब दिया कि पुनरीक्षित बजट की पहले से मंजूरी लेनी होती है, इसलिए सामान्य बजट किया गया है। फिलहाल, मेयर और अपर नगर आयुक्त के जवाब से सपा-कांग्रेस पार्षद संतुष्ट नहीं हुए। हंगामा जारी रखा। इसके बाद डूडा के फर्जीवाड़े का मुद्दा उठा। भाजपा पार्षद अरुण राय ने कहा- डूडा की कॉलोनी में अफसरों ने 1.50 लाख लेकर मनीष का घर मुस्लिम परिवार को दे दिया। कुछ देर बाद सीवर और पेयजल समस्या का मुद्दा सदन में गूंज उठा। इस मुद्दे पर सपा, कांग्रेस और भाजपा पार्षद एकजुट नजर आए। सभी कार्यदायी कंपनी स्वेज इंडिया को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इसको लेकर हंगामा हुआ। बीजेपी पार्षद अमित चौधरी का मेयर से तकरार हो गया। वह रोने लगे। उन्होंने कहा- मेरा वार्ड मेयर सुषमा खर्कवाल का OSD चला रहा है। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। 30 मिनट तक सदन स्थगित रहा। ट्रेड लाइसेंस का शुल्क बढ़ाने पर नगर आयुक्त ने कहा कि अभी इसे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें पार्षद भी रहेंगे। फिलहाल यह स्थगित रहेगा। सदन की 4 तस्वीरें देखिए… 5 महीने बाद बैठक, जेब ढीली कराई करीब पांच महीने बाद नगर निगम में सामान्य सदन की बैठक में जनता की जेब पर टैक्स का खर्च बढ़ गया है। इसमें सदन में सर्वसम्मति से कल्याण मंडप के किराये में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। अब गरीब और आम लोगों के लिए नगर निगम के कल्याण मंडप में किसी भी तरह के कार्यक्रम कराने के लिए बढ़े हुए दरों से किराया देना होगा। इसके साथ ही सदन ने नर्सिंग होम, हॉस्पिटल, पैथोलॉजी, रेस्त्रां और कैफे के भी लाइसेंस शुल्क को दोगुना करने का फैसला लिया है। इन जगहों का किराया दोगुना किया झूलेलाल वाटिका के किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। अब झूलेलाल वाटिका किराये पर लेने वालों को दोगुना भुगतान करना होगा। सामाजिक कार्य के लिए 5 हजार से बढ़ाकर किराया 10 हजार रुपए कर दिया गया। जबकि, कॉमर्शियल के लिए 1.50 लाख से किराया बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है। 21 नए ट्रेड सेक्टर में लाइसेंस शुल्क के फैसले को नगर निगम सदन ने वापस ले लिया है। व्यापारियों के भारी विरोध के बाद इस फैसले को लेकर समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट करीब एक महीने बाद मेयर और नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…