मेरठ में काशी टोल पर रोके गए सांसद चंद्रशेखर आज़ाद:पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक, कहा- इंसाफ की आवाज बनने आया हूं

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में एक घटना के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को शनिवार शाम करीब 5 बजे काशी टोल प्लाज़ा पर रोक लिया गया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से मना किया, लेकिन सांसद आज़ाद पीड़ित परिवार से मिलने पर अड़े रहे। टोल प्लाज़ा पर रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान चंद्रशेखर आज़ाद की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन रोकने की कोशिश की, जिसमें धक्का-मुक्की भी हुई और सांसद को घसीटने का आरोप लगा। इस घटना पर चंद्रशेखर आज़ाद ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, “मेरी पहली मांग यही है कि मुझे पीड़ित परिवार से मिलने दिया जाए। मैं यहां किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि इंसाफ की आवाज बनने आया हूं।” उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की हर बहन-बेटी को सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर किसी ने किसी बेटी का अपमान किया, तो हर चौराहे पर यमराज खड़ा मिलेगा और वही यमराज उसे कहीं और पहुंचा देगा।” उनके इस बयान के बाद समर्थकों में जोश भर गया। आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में टोल प्लाज़ा पर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। करीब तीन घंटे तक टोल प्लाज़ा पर गहमागहमी और हंगामा चलता रहा। इस दौरान आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और चंद्रशेखर आज़ाद से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की।