मेरठ में होलिका दहन संगीनों के साये में हुआ। पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस दौरान SSP अविनाश पांडेय के साथ देर शाम तक अन्य अफसर भी सड़कों पर दिखाई दिए। अफसरों की मानें तो होलिका दहन के बाद पुलिस प्रशासन का मुख्य फोकस धुलेंडी को शांतिपूर्ण संपन्न कराने पर है। मिश्रित आबादी की अधिक निगरानी
त्योहार तीन दिन रहेगा। ऐसे में मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अफसरों का कहना है कि आगामी तीन दिन शहर में सख्ती देखने को मिलेगी। ऐसे में हुड़दंग ना मचाकर सादगी के साथ होली का त्योहार मनाएं। क्योंकि अगर पुलिस के हत्थे चढ़े तो होली के बाद ही बाहर आने का मौका मिलेगा। पुलिस और प्रशासन को संयुक्त जिम्मेदारी
होली की सुरक्षा के दृष्टिगत सेक्टर व जोन व्यवस्था लागू की गई है। जिले में सर्किल के अनुसार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी को तैनात किया गया है। इसके अलावा शहर में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसपी क्राइम अवनीश कुमार और एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र जिम्मेदारी संभालेंगे। देहात का दायित्व एसपी देहात अभिजीत कुमार के अलावा एएसपी को लगाया गया है। कड़ी सुरक्षा में हुआ होलिका दहन
कुल 1576 स्थान रहे, जहां होलिका दहन होना था। पुलिस अफसरों की तरफ से इन जगहों पर कड़ा सुरक्षा जाल बुना गया था। होलिका दहन के वक्त किसी तरह का कोई विवाद ना हो पाए, इसको देखते हुए एक एक होलिका पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। महिला पुलिसकर्मियों को भी दायित्व सौंपा गया था। होलिका जलते ही उड़ा अबीर गुलाल
होलिका दहन के साथ ही शहर में अबीर गुलाल भी उड़ना शुरु हो गया। पूजा स्थल पर ही लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर व गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। बच्चे हों या बड़े, सभी में होली के त्योहार को लेकर साफ उत्साह दिखाई दे रहा है। सुरक्षा का एहसास करा रहे अफसर
पुलिस अफसर होली की सुरक्षा को देखते हुए अलर्ट हैं। एडीजी जोन भानु भास्कर, एसएसपी अविनाश पांडेय व एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के साथ हर रोज फुट पेट्रोलिंग कर शहर के मिजाज को भापने में लगे हैं। उनके द्वारा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है। सीओ भी संभाल रहे क्षेत्र का जिम्मा
पुलिस के अधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी एसपी व थानेदार संयुक्त रूप से इलाके का जिम्मा संभाल रहे हैं। होलिका दहन के बाद एक दिन का गैप है। ऐसे में सभी पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह लगातार क्षेत्र में फुट पेट्रोलिंग करते रहें। असामाजिक तत्वों को किया गया चिह्नित
थाना वार असामाजिक तत्वों को पुलिस के द्वारा चिह्नित किया गया है और उनकी निगरानी कराई जा रही है। सभी को थाने में बुलाकर समझा दिया गया है कि अगर किसी तरह के विवाद में उनका नाम आया तो पुलिस सीधे गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। काफी लोगों को थाना पुलिस ने नोटिस भी तामील कराया गया है।