मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन का 38वां वार्षिक अधिवेशन:बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत की रणनीति, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से मैनेजमेंट हाउस, पल्लवपुरम फेज-1 में “डायनेमिक ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स: नीड फॉर रेजिलिएंस एंड फ्लेक्सिबिलिटी बाय इंडिया” विषय पर 38वां वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत, शिक्षाविदों, पेशेवरों और विद्यार्थियों सहित करीब 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया और तेजी से बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत एमएमए के अध्यक्ष एस.पी. सिंह के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने समाज के प्रति संगठन के योगदान और उद्योग-शिक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मेरठ व आसपास के शिक्षण संस्थानों के साथ किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। अधिवेशन की अध्यक्षता मेजर जनरल पंकज कौशिक (सेवानिवृत्त) ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में मधु डांग मौजूद रहीं। मुख्य अतिथि मेजर जनरल ललित कपूर, वीएसएम, कमांडर बेस वर्कशॉप ग्रुप मेरठ रहे। अधिवेशन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्ण (सेवानिवृत्त) ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को बताया। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ (सेवानिवृत्त) ने मौजूदा परिस्थितियों में भारत की संभावित ग्रैंड स्ट्रेटेजी पर अपने विचार रखे। डॉ. प्रवीण कुमारी सिंह (आईएएस) और प्रो. (डॉ.) एस.डी. शर्मा, पूर्व प्रो-वाइस चांसलर आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने भी वैश्विक घटनाक्रमों के भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की। इस अवसर पर “एंडेवर” नामक स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथि और एमएमए पदाधिकारियों ने किया। स्मारिका की क्रिएटिव हेड व मुख्य संपादक प्रेरणा सेठी रहीं। सत्रों की अध्यक्षता मेजर जनरल पंकज कौशिक (सेवानिवृत्त), अंकुर जग्गी और पुनीत गर्ग्या ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में उत्कर्ष जैन, अनंत अलग, अंकित सिंघल और पूनम कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन एमएमए के उपाध्यक्ष अनुराग अग्रवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने वक्ताओं, प्रतिभागियों और प्रायोजकों का कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।