बरेली में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद हुए उपद्रव के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है। मंगलवार को अदालत ने यह आदेश दिया, जिसके बाद अब वे 9 दिसंबर तक फतेहगढ़ जेल में रहेंगे। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी निर्धारित है। पुलिस ने अदालत में तर्क दिया कि मौलाना रजा को रिहा करने पर वे साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए उनकी हिरासत बढ़ाने का फैसला सुनाया। जांच में सामने आया है कि 26 सितंबर को पोस्टर विवाद के बाद मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई थी। इस दौरान शहर के कई इलाकों में उपद्रव फैलाया गया, जिसमें पथराव, फायरिंग, दुकानों में तोड़फोड़ और पुलिस उपकरणों की लूटपाट जैसी घटनाएं शामिल थीं। बाद में गिरफ्तारियों के दौरान लूटे गए कई सामान बरामद किए गए। इस घटना के बाद कोतवाली, बारादरी, किला, कैंट और प्रेमनगर थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें से 7 मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम शुरुआत से दर्ज था, जबकि शेष 3 मामलों में उनका नाम विवेचना के दौरान जोड़ा गया। उपद्रव के अगले ही दिन, 27 सितंबर को पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेज दिया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 92 आरोपियों को जेल भेजा है। 17 नवंबर को अदालत ने मौलाना की रिमांड भी स्वीकृत की थी, जिससे पुलिस को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करने का अवसर मिला। मंगलवार को ऑनलाइन पेशी के दौरान अदालत ने मौलाना की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश पर मुहर लगा दी। उनकी रिहाई का फैसला अब 9 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा।