यूजीसी कानून को लेकर सवर्ण समाज मऊ में करेगा आंदोलन:कलेक्ट्रेट में ‘सवर्ण एकता मंच’ के बैनर तले होगा प्रदर्शन

मऊ में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इस क्रम में ‘सवर्ण एकता मंच’ का गठन किया गया है, जिसके बैनर तले 04 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन की दिशा में यह बड़ा कदम बुधवार शाम को उठाया गया, जब नगर क्षेत्र स्थित रामस्वरूप भारती (मठिया मठ) मंदिर के पास सर्वदलीय सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी रणनीति और जनसंपर्क अभियान पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यवसायी उमाशंकर उमर ने की, जबकि संचालन विजय प्रताप सिंह ने संभाला। इसमें जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सभी राजनीतिक दलों से जुड़े सवर्ण पदाधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चली। बैठक के दौरान आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। जनसंपर्क के माध्यम से संगठन को मजबूत करने, आर्थिक और शारीरिक सहयोग जुटाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। एक साझा मंच के नाम पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से ‘सवर्ण एकता मंच’ नाम तय किया गया। सर्वसम्मति से यह घोषणा की गई कि यूजीसी के ‘काले कानून’ के विरोध में 04 फरवरी 2026 को मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में ‘सवर्ण एकता मंच’ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन के दौरान सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच, माला और औपचारिकताओं से दूर रहेंगे। वे गाँव-गाँव तक विभिन्न आधुनिक माध्यमों से सूचना पहुंचाकर जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे, ताकि आम जनता को आंदोलन से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त, यह भी तय किया गया कि आगे की बैठकें सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित की जाएंगी और आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति को लगातार मजबूत किया जाएगा। इस बैठक में ताजेपुर के फलहारी बाबा, संत अमरजीत, केके पांडे, नरेंद्र सहित विभिन्न पार्टियों के युवा नौजवान साथी मौजूद रहे।