यूपी में बिजली विभाग में QR कोड से रिश्वत:ऑन कैमरा बाबू बोला– लोड बढ़ाने के 500, सोलर के लिए 1000 लगेंगे

देखिए… एक फाइल (घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन) का 1000 रुपया लगेगा। हां, कैश नहीं है तो ऑनलाइन (मोबाइल फोन पर QR code दिखाते हुए) कर दीजिए। अब तो सभी ऑनलाइन देते हैं… क्या बताएं? पैसा सबको जाता है। JE (जूनियर इंजीनियर), SDO से लेकर एक्सईएन तक…। यूपी के बिजली विभाग में QR कोड स्कैन कराकर रिश्वत ली जा रही है। अगर आपके घर में बिजली के मीटर का लोड 2 किलोवॉट से बढ़ाकर 3 किलोवॉट करना है, तो 500 रुपए की रिश्वत लगेगी। घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन चाहिए, तो एक्सईएन के तय किए गए बाबू को 1000 रुपए की रिश्वत देनी होगी। फैक्ट्री में 30 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाने के लिए 30 हजार रुपए तक रिश्वत ली जा रही। बाबुओं का कहना है कि ये पैसा सभी में बंटता है। एक्सईएन तक जाता है। इसके लिए पूरा सिस्टम बना है। बाबुओं को काम के हिसाब से रिश्वत लेने की जिम्मेदारी दे रखी है। 2 महीने पहले दैनिक भास्कर ने सिद्धार्थनगर में बिजली विभाग के JE जितेंद्र दुबे का स्टिंग किया था। वे कैमरे पर एक लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड कर रहे थे। विभाग ने JE को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, फतेहपुर में प्रयागराज की एंटी करप्शन टीम ने SDO प्रेमचंद और उसके मुंशी अतुल सिंह को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वह बिजली बिल संशोधन के लिए रुपए मांग रहे थे। चित्रकूट में एंटी-करप्शन टीम ने लिपिक प्रशांत कुमार और कम्प्यूटर ऑपरेटर राजाबाबू त्रिपाठी को 6000 रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। ये दोनों लोड बढ़ाने के लिए घूस मांग रहे थे। इन कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगा या नहीं? यहां रिश्वत का क्या पैटर्न है? किस काम के कितने रेट तय हैं? क्या ये रिश्वत ऊपर तक जाती है? इन सवालों के जवाब के लिए हमारी टीम ने लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी के बिजली विभाग में इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए पूरा खुलासा… हमने सबसे पहले यूपी में बिजली विभाग को लेकर 6 महीने में आई शिकायतों को खंगाला। इसमें ज्यादातर शिकायतें बिजली बिल करेक्शन, लोड बढ़ाने और प्रधानमंत्री सूर्य गृह योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन के लिए रिश्वत मांगने की मिलीं। स्टिंग के लिए हमने उन्नाव जिला चुना, क्योंकि हमें सोर्स से यहां के बिजली विभाग में रिश्वत के रेट लिस्ट की सूचना मिली थी। हम लखनऊ से उन्नाव पहुंचे। यहां सबसे पहले एक ऐसे व्यक्ति को अपने साथ लिया, जो अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन के लिए भटक रहा था। उनकी फाइल लेकर बिजली वितरण खंड के अधिशासी अभियंता प्रथम के ऑफिस पहुंचे। सोलर पैनल का काम देखने वाले बाबू प्रभात साहू से बात की। प्रभात साहू: बताइए… क्या काम है? रिपोर्टर: ये फाइल है, इसका इंडेंट (खर्च का आकलन और विभाग की परमिशन) कराना है। प्रभात साहू: लाइए… दीजिए। रिपोर्टर: लीजिए… इस फाइल के अलावा अभी और 10 फाइलों को करना है। प्रभात साहू: ठीक है, उन्हें भी दे दीजिए। रिपोर्टर: अभी तो यही कंपलीट है। जब कंपलीट हो जाएंगी… वो 10 फाइलें भी दे देंगे। प्रभात साहू: ठीक है, हो जाएगी…. 1 फाइल का 1000 रुपया लगेगा। रिपोर्टर: अरे यार… लखनऊ में तो कम लगता है। यहां सीधे 1000 रुपए। प्रभात साहू: इसी में इंस्पेक्शन भी हो जाता है न। बात यही है… इंस्पेक्शन का कोई अलग से चार्ज नहीं लगता। रिपोर्टर: 500 रुपया कैश है… बाकी ऑनलाइन कर दें? प्रभात साहू: हां, कर दीजिए… ऑनलाइन कर दीजिए। रिपोर्टर: आपको कोई दिक्कत न हो…? प्रभात साहू: नहीं… दे दीजिए। ऑनलाइन ही दे दीजिए। सभी ऑनलाइन देते हैं… क्या बताएं? रिपोर्टर: लाओ… QR कोड? प्रभात साहू: (मोबाइल देते हुए) ये लीजिए। बाबू ने बताया कमाई का गणित
हमने बाबू प्रभात साहू के मोबाइल पर दिखाई दे रहे QR कोड को स्कैन कर 1000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इससे साफ हो गया कि बिजली विभाग के अफसरों की शह पर बाबू रिश्वत का पैसा ऑनलाइन भी ले रहे हैं। अब हमें समझना था कि इनकी एक दिन की कमाई कितनी है? यह पैसा किन-किन अफसरों तक जाता है? इसके लिए हमने बाबू प्रभात से बातचीत जारी रखी… रोज 25 फाइल के 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हैं रिपोर्टर: लेकिन प्रभात भाई… हमारे लखनऊ में 500 रुपए में काम हो जाता है। हमको यहां लंबा काम करना है… तो कुछ कंसेशन करो भाई। प्रभात साहू: इसके लिए आप मैडम (शांति) से बात कीजिए। मैडम इसी सीट पर बैठती हैं… बगल में। रिपोर्टर: उनको बुलाइए… बात कर लेते हैं। आपको भी हिसाब-किताब मैडम को ही देना पड़ता है क्या? प्रभात साहू: हां। रिपोर्टर: दिनभर में कितनी फाइल कर देते हो…? प्रभात साहू: हां, ये 25 फाइलें हैं। रिपोर्टर: यानी सीधे 25 हजार रुपए का काम हो गया? प्रभात साहू: हां। रिपोर्टर: इसमें आप अकेले हैं या ऊपर तक जाता है? प्रभात साहू: ऊपर तक है। रिपोर्टर: SDO तक या फिर एक्सईएन तक…? प्रभात साहू: अरे… JE (जूनियर इंजीनियर)… SDO… एक्सईएन तक। रिपोर्टर: एक्सईएन तक कितना पहुंचता होगा? प्रभात साहू: ये तो मैडम ही बता पाएंगी। रिपोर्टर: सबको बांट देते हो कि तुमको भी कुछ मिलता है? प्रभात साहू: मैडम जो दे देती हैं… वो ले लेते हैं। रिपोर्टर: मैडम को बुलाओ तो लोड बढ़ाने वाली बात कर लें। प्रभात साहू: पता नहीं कहां गई हैं मैडम? रूम पर निकली हैं कि कहीं बाहर? आप बाहर देख लीजिए। हमने एक्सईएन के कमरे के बाहर बैठी महिला कर्मचारी से साहब के खास बाबू के बारे में जानकारी ली। उसने बड़े बाबू सोमनाथ का नाम लिया। हमने बगल के कमरे में बैठे सोमनाथ से बात की। सोमनाथ ने बताया- पहले वह सोलर का काम देखते थे, लेकिन अब साहब ने यह काम शांति मैडम को दे दिया। हमने पूछा- पहले लोड बढ़ाने की रिश्वत क्या लगती थी? सोमनाथ बोले- 700-800 रुपए लेते थे। अब ये क्या लेती हैं, हमको नहीं पता है। अब शांति मैडम से हमारी मुलाकात होती है इसी बीच शांति मैडम अपने कमरे में पहुंच जाती हैं। हम उनके सामने ही बैठ गए। हमने लोड बढ़ाने के 4 केस बताए। शांति ने हमें पूरी प्रोसेस बताई… रिपोर्टर: हम नए वेंडर हैं लखनऊ के। पीडी नगर के 4 लोड बढ़वाने हैं। शांति: ठीक है… हो जाएगा। क्या नया काम शुरू किया है…? रिपोर्टर: हां, एक फाइल थी… इंडेंट (खर्च का आकलन और विभाग की परमिशन) के लिए दे दिया। 10 फाइल और देनी हैं। शांति: अच्छा…? रिपोर्टर: पीडी नगर में 4 लोड बढ़वाने हैं। शांति: ठीक है बताइए। रिपोर्टर: देखिए… लोड भी बढ़ाना है और 30 किलोवॉट का पैनल लगना है… इंडस्ट्रियल एरिया में। कैसे-क्या करना है? शांति: उसका हम पूछकर बता देंगे कि क्या खर्च लगेगा? 30 किलोवॉट का है न…? रिपोर्टर: वैसे मोटा-मोटी क्या खर्च आएगा? शांति: अराउंड… 30 हजार रुपए ही आएगा। एक बार पूछकर कंफर्म कर लेंगे। रिपोर्टर: इंडेंट वाली फाइल (घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन) से आपका कोई लेना-देना नहीं है…? शांति: हिसाब मेरे पास रहता है, मगर लेगा वही (बाबू प्रभात साहू)… बाकी लोड वाला हमें दे दीजिएगा। रिपोर्टर: उसका (बिजली मीटर में लोड बढ़ाने की रिश्वत) क्या करना है…? शांति: 5 पर ईच। रिपोर्टर: यानी 500 रुपए। शांति: हां। रिपोर्टर: इंडेंट वाले में तो कुछ कम करा दो। शांति: नहीं, जो है वो फिक्स है। अब जानते हैं, बाराबंकी में कौन रिश्वत ले रहा? उन्नाव के बिजली विभाग के बाबुओं के स्टिंग से साफ हो गया था कि यहां हर काम के लिए रिश्वत के रेट तय हैं। क्या यह केवल उन्नाव में हो रहा है या फिर यूपी के बाकी जिले में भी ऐसा ही चल रहा? इस सवाल के जवाब के लिए हम बाराबंकी पहुंचे। यहां छाया चौराहा स्थित बिजली विभाग के दफ्तर में हम कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित से मिले। अमित ने बाबू आकाश मौर्य का नंबर दिया और कहां कि आप इनसे बात कर लीजिए। ऑफिस से बाहर निकलकर हमने आकाश को कॉल किया। आकाश ने कचहरी के बाहर भारत स्टूडियो के पास बुलाया। हम वहां पहुंच गए। आकाश: आइए… और क्या हाल है? रिपोर्टर: ठीक है… इंडेंट (घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की परमिशन) करानी है, हमारी 7 फाइल तैयार हैं… 3 और हो रही हैं। आकाश: घरेलू कनेक्शन है क्या? रिपोर्टर: हां, घरेलू ही है। आकाश: यहां की कंपनी है… या लखनऊ की…? रिपोर्टर: कंपनी लखनऊ की है। हमारा उन्नाव और आसपास के जिलों में काम चल रहा। हमारा लड़का फाइल लेकर आएगा। आकाश: ठीक है… हो जाएगा। रिपोर्टर: सभी 10 का भार (बिजली मीटर का लोड) भी बढ़ाना है। आकाश: भार बढ़ाने वाला काम तो मेरे स्तर का नहीं है… पर जो करता है, उससे बात कर लेंगे। रिपोर्टर: 30 किलोवॉट का पैनल भी लगना है। आकाश: लग गया है… या लगना है? रिपोर्टर: लगना है। आकाश: ठीक है… कागज बनवा लीजिएगा। कहां पर लगना है? रिपोर्टर: सतरिख रोड पर…। आकाश: देखिए… आप जब तक हमारे सिस्टम (बिजली विभाग की लाइन) में अपना पैनल नहीं जोड़ोगे… तब तक कोई दिक्कत नहीं। उसमें जोड़ने के लिए विद्युत सुरक्षा कार्यालय से NOC लगेगी… तब हमारा काम पड़ेगा। इंडेंट के लिए आवेदन करेंगे… तब हम सब कागज आपसे मांगेंगे। रिपोर्टर: ठीक है… बाकी प्रक्रिया पूरी कर लेंगे… और लोड वाला क्या होगा? आकाश: लोड वाला तो आप जानते (रिश्वत के रेट 500 रुपए) ही हैं। आप तो लखनऊ में कराते ही होंगे। लोड का और इंडेंट का आप जानते ही होंगे। आपको बताने की जरूरत नहीं है। बाकी फाइल के साथ भिजवा दीजिएगा। रिपोर्टर: फाइल के साथ भिजवा तो दूंगा पर मेरा आदमी आएगा। लोड का तो 500 रुपए बताते हैं। आकाश: हां, यही लगता है। इंडेंट का भी यही है। लोड बढ़ाने का एक सप्ताह लगता है। इंडेंट का तो उसी दिन करवा दूंगा। रिपोर्टर: इंडेंट का तो उन्नाव में 1000 रुपए लेते हैं। आकाश: यहां भी वही है। 30 किलोवॉट का पैनल लगाने वाले मामले में पूरी फाइल कंपलीट कर लीजिएगा तो बता देंगे क्या लगेगा…? रिपोर्टर: इसके लिए एक्सईएन को भी मैनेज करना पड़ेगा या आप कर लेंगे? आकाश: वो सब मैं डिस्कस कर लूंगा। आपसे हमारी बात बन जाती है तो कहीं मिलने की जरूरत नहीं है। बात समझ गए होंगे आप…? रिपोर्टर: हां, समझ गए। अब चलिए लखनऊ… यहां रेट लिस्ट नहीं, खुशी से देना होगा हमारी इन्वेस्टिगेशन में साफ हो गया कि उन्नाव और बाराबंकी में बिजली विभाग के बाबू अफसर हर काम के रुपए ले रहे हैं। इसके बाद हमने राजधानी लखनऊ का रुख किया। यहां विभूतिखंड के NEDA (गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास एजेंसी) के दफ्तर पहुंचे। हमारी मुलाकात भटनागर मैडम से हुई। हमने उन्हें बताया कि हम सोलर पैनल लगाने का काम करने के लिए फर्म का रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं। रिपोर्टर: मैडम… सोलर पैनल के काम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना है? संजू भटनागर: वेंडर बनना चाह रहे हैं? रिपोर्टर: क्या यहां रजिस्ट्रेशन कराने के बाद पूरे यूपी में काम कर सकते हैं…? संजू भटनागर: हां, पूरे यूपी में कर सकते हैं। रिपोर्टर: यहां कोई रजिस्ट्रेशन फीस? संजू भटनागर: ढाई लाख की बैंक गारंटी लगेगी। रिपोर्टर: और कुछ…? संजू भटनागर: जो देना होगा… दे दीजिएगा, जो इच्छा शक्ति हो। रिपोर्टर: ठीक है, मुझे जानकारी नहीं है… इसलिए सोचा पहले से चीजें जान लें। संजू भटनागर: जो चल रहा है, वो ठीक है… पर ऐसा कुछ निर्धारित नहीं है। मैडम ने कमरे में बैठे एक अन्य कर्मचारी की ओर इशारा करते हुए धीरे बोलने को कहा। फिर अपना नंबर देते हुए बोलीं- इस पर बात कर लीजिए। दो दिन बाद जब हमने इस नंबर पर कॉल किया तो मैडम ने अटैंड नहीं किया। इसके 3 कारण हैं अब, जानिए जिम्मेदार क्या बोल रहे? उन्नाव के एक्सईएन बोले- सख्त कार्रवाई करेंगे बाराबंकी के एक्सईएन ने कहा- सबूत दीजिए, बर्खास्त कराएंगे: त्रिपाठी अफसर बोले- अगर ऐसा है तो कार्रवाई करेंगे ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने नहीं दिए सवालों के जवाब
हमने ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को सवाल भेजकर जवाब जानने के लिए कॉल किया, तो उनके PRO ने फोन अटैंड किया। वे 4 दिन तक बात नहीं करा पाए। फिर कहने लगे कि आपने सवाल शेयर कर दिए, अब जब उन्हें जवाब देना होगा, वे बता देंगे। क्या आप हैं यूपी के एक्सपर्ट? खेलिए और जीतिए 1 करोड़ तक के इनाम यूपी से जुड़े 3 आसान सवालों के जवाब दीजिए और जीतिए 1 करोड़ तक के इनाम। हर दिन 50 लोग जीत सकते हैं आकर्षक प्राइज। लगातार खेलिए और पाएं लकी ड्रॉ में बंपर प्राइज सुजुकी ग्रैंड विटारा जीतने के मौके। क्विज अभी खेलने के लिए यहां क्लिक करें ————————- ये खबर भी पढ़िए एक पेटी शराब यूपी से बिहार भेजने का रेट ₹5000, स्टिंग के दौरान रिपोर्टर किडनैप, मारपीट ‘हम ट्रेन में माल चढ़वा देंगे… 1200 रुपए लगेंगे। अगर उस तरफ (बिहार) प्लेटफॉर्म तक शराब पहुंचाना है तो वह भी कर देंगे…। लेकिन एक पेटी के 5000 रुपए लेंगे। अपनी सभी ट्रेनों में सेटिंग है…। इस बार बिहार चुनाव में इतना कमाया कि मकान बना लिया।’ यूपी से बिहार शराब तस्करी करने वाले सनी सिंह ने यह बात कही। पढ़ें पूरी खबर