‘8 साल पहले यूपी में क्या स्थिति थी? जाति के नाम पर लड़ाया जाता था, भाषा के नाम पर बांटा जाता था। तुष्टीकरण की नीति पर चलकर अराजकता पैदा की जाती थी। कर्फ्यू जैसा माहौल बनाया जाता था। यह सपा-कांग्रेस करती थी। गुंडागर्दी पैदा कर व्यापारी की प्रॉपर्टी पर कब्जा करते थे। गरीब की जमीन पर कब्जा करना ये लोग अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते थे। जब डबल इंजन की सरकार आई, तो आपने देखा होगा कि इन कब्जा करने वालों की कमर हमने सीधी कर दी। इतनी कुटाई हुई कि उसके ऊपर हम लोग अब फैक्ट्री बनवा रहे। अब गुंडागर्दी बंद, माफिया गायब हो गए, दंगे बंद हो गए। उपद्रव का प्रदेश उत्तर प्रदेश, अब उत्सव का प्रदेश बन गया है।’ यह बात सीएम योगी ने शनिवार को गोरखपुर में कही। वह गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) के 36वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। योगी ने कहा- ठीक 36 साल पहले आज के ही दिन गोरखपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना हुई थी। लेकिन, स्थापना के साथ ही इस पर कुछ बीमारियों ने हमला शुरू कर दिया था। 1989 से लेकर 1998 तक GIDA में औद्योगिक गतिविधियां लगभग शून्य थीं। धरना-प्रदर्शन होते थे, गोली कांड होते थे, अव्यवस्था थी। सरकार का कोई विजन नहीं था। रिजल्ट ये रहा कि GIDA तो चल नहीं पाया, गोरखपुर का खाद कारखाना भी बंद हो गया था। 2 तस्वीरें देखिए- इंसेफ्लाइटिस पहले बच्चों को निगलती दिखाई पड़ रही थी
योगी ने कहा- पहले गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी कहर बनकर पूर्वी यूपी के बच्चों को निगलती दिखाई पड़ रही थी। लेकिन, देश में जब पीएम मोदी का नेतृत्व मिला, हम नए बदलते भारत को देख रहे। बदलते हुए भारत में यूपी खुद को पीछे नहीं कर सकता। उत्तर प्रदेश भारत के बदलाव के साथ खुद को तेजी से बदला। अकेले GIDA में ही 40 हजार नौजवानों को नौकरी मिली। ये है परिवर्तन… करने की इच्छा होने चाहिए। 408 करोड़ के कामों का शिलान्यास-लोकार्पण किया
इससे पहले सीएम ने GIDA के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के 408 करोड़ रुपए के कामों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। GIDA के नाइलिट सेंटर से कौशल विकास का प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को सीएम ने सर्टिफिकेट भी दिया। स्थापना दिवस पर सीएम ने GIDA में लगने वाले तीन दिवसीय यूपी स्टेट ट्रेड शो का शुभारंभ भी किया। गीडा की सीईओ अनुज मलिक ने बताया- इस साल GIDA ने अभी तक 8 लाख 71 हजार 841 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 115 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है। इनमें से 5 बड़े आवंटियों (निवेशकों) को सीएम ने आवंटन प्रमाण पत्र भी दिया। CM ने विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले को लेकर मीटिंग की
इससे पहले योगी ने गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा- मकर संक्रांति पर गोरखपुर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले से जुड़े सभी काम हर हाल में 20 दिसंबर तक पूरे कर लें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि इस मेले से पूर्वी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार, नेपाल और दुनियाभर के सनातनी आस्था से जुड़े हैं। स्थापना दिवस के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…