राज्यसभा सांसद ने कहा पश्चिमी यूपी में एम्स और हाईकोर्ट:बजट सत्र में आवाज उठाएंगे, वित्त मंत्री ने भी समर्थन किया

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर एक बार फिर जोर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ राज्यों के वित्त मंत्रियों की बजट-पूर्व बैठक में इन दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राज्यसभा सांसद ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को उच्च न्यायालय की खंडपीठ मिलनी चाहिए। जब तक खंडपीठ स्थापित नहीं होती, तब तक क्षेत्र को लखनऊ बेंच से संबद्ध किया जाना चाहिए। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा ई-फाइलिंग केंद्रों पर लगाए गए प्रतिबंध का भी उल्लेख किया, जिसमें केवल इलाहाबाद बार के पंजीकृत वकीलों को ही अनुमति दी गई है। सांसद ने बताया कि मेरठ मेडिकल कॉलेज में 52 एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग एम्स के सैटेलाइट सेंटर या कैंसर अस्पताल के लिए किया जा सकता है। मेरठ के संबंध में उनकी चार प्रमुख मांगें हैं, जिनमें एम्स का सैटेलाइट सेंटर या कैंसर अस्पताल बनाना शामिल है। सांसद ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वित्त मंत्री के समर्थन से इन मुद्दों को और बल मिला है। उन्होंने इस लड़ाई को तेजी से लड़ने और आगामी बजट सत्र में इन मांगों को निश्चित रूप से उठाने का संकल्प लिया। सांसद ने उम्मीद जताई कि बजट सत्र से पहले ही इन मुद्दों पर कुछ अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।