बरेली में ‘जानवरों के मसीहा’ के रूप में पहचाने जाने वाले पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) के अध्यक्ष धीरज पाठक ने रविवार को इंसानियत की एक और मिसाल पेश की। रामगंगा बैराज के पास घायल अवस्था में पड़े एक विशालकाय अजगर को सूचना मिलने के बाद धीरज पाठक ने न केवल रेस्क्यू किया, बल्कि उसका उपचार कराकर उसे नया जीवन दिया। स्थानीय लोगों ने जब अजगर को बेबस हालत में देखा, तो तुरंत इसकी जानकारी धीरज पाठक को दी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। चोटिल होने के कारण अजगर को चलने-फिरने में हो रही थी दिक्कत
रामगंगा बैराज के पास मिला यह अजगर करीब 10 फीट लंबा बताया जा रहा है। चोटिल होने के कारण अजगर को चलने-फिरने में काफी कठिनाई हो रही थी और वह असहाय होकर एक जगह पड़ा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए धीरज पाठक ने तत्काल वन विभाग की टीम को सूचित किया। वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में धीरज पाठक ने बड़ी सावधानी से अजगर को पकड़ा और उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। प्राथमिक चिकित्सा के बाद अजगर को पूरी तरह सुरक्षित कर वन विभाग की टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। पशु क्रूरता रोकने और बेजुबानों का करते है इलाज
गौरतलब है कि धीरज पाठक लंबे समय से बरेली में मेनका गांधी द्वारा स्थापित संस्था ‘पीपुल फॉर एनिमल्स’ (PFA) की कमान संभाल रहे हैं। जिले में पशु क्रूरता रोकने और बेजुबानों के इलाज के लिए उन्होंने एक मजबूत सिस्टम खड़ा किया है। शहर में कहीं भी किसी जानवर के साथ हादसे या क्रूरता की खबर आती है, तो धीरज पाठक की एम्बुलेंस सेवा और उनकी टीम 24 घंटे मदद के लिए तत्पर रहती है। उनके इस समर्पित कार्य की बदौलत आज वे बरेली के बेजुबानों के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुके हैं।