रामपुर में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने इस मामले में एक लेखपाल और एक कानूनगो को निलंबित कर दिया है, जबकि मैसर्स गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर ₹3.63 करोड़ का नोटिस जारी किया गया है। यह मामला रामपुर जनपद के स्वार तहसील अंतर्गत ग्राम भगवंत नगर में सामने आया। मैसर्स गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बड़े पैमाने पर साधारण मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति द्वारा मौके पर किए गए स्थलीय निरीक्षण और दस्तावेजों की गहन जांच में खुलासा हुआ कि लगभग 3 लाख 32 हजार 640 वर्ग मीटर क्षेत्र में औसतन 2.5 मीटर गहराई तक मिट्टी का अवैध खनन किया गया है। यह खनन नियमों का पूर्ण उल्लंघन था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश उप-खनिज परिहार नियमावली 2021 के नियम-58 के तहत गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को कुल ₹3 करोड़ 63 लाख 63 हजार 200 रुपये का नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर क्षेत्रीय लेखपाल सचिन सक्सेना और कानूनगो अजय सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे 2 ओवरलोड वाहन और 6 डंपरों को सीज कर राणा शुगर मिल, स्वार परिसर में खड़ा कराया गया है। परिवहन विभाग ने इन पर ₹2.55 लाख का जुर्माना लगाया है। मौके पर मिली दो पोकलेन मशीनों पर भी अलग से ₹10 लाख का जुर्माना लगाया जा रहा है। खान निरीक्षक रामपुर की ओर से गाबर कंपनी समेत अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 173 के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।