ध्वजारोहण में सुरक्षा को देखते हुए तैयार रंग आधारित योजना ने मुख्यमंत्री समेत सभी पुलिस, प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों को राहत दिया है। आज सभी ने एक स्वर से इसे सराहा और स्वीकार लिया। इसके अलावा पार्किंग स्थलों से अतिथियों को कार्यक्रम में पहुंचाने के लिए गोल्फ कार्ट की नि:शुल्क सेवा ट्रस्ट की ओर से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री और सुरक्षा अधिकारियों के साथ लंबी बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय और विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह ने अतिथियों को सुरक्षित व सुव्यवस्थित रूप से कार्यक्रम में पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी दी। अतिथियों के बैठने के लिए पन्द्रह ब्लाक बनाए गए हैं पदाधिकारियों के अनुसार काशी प्रांत का रंग पीला, अवध का लाल, गोरक्ष का हरा तथा कानपुर प्रांत को आसमानी रंग आवंटित हुआ है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिगत अतिथियों से सम्पर्क का पांच स्तरीय प्रावधान है। इसमें ह्वाट्स एप, एसएमएस, फोन काल, आमंत्रण पत्र और अंतिम चरण में प्रवेशिका पहुंचाना शामिल है। अतिथियों के बैठने के लिए पन्द्रह ब्लाक बनाए गए हैं। स्क्रीनिंग के बाद गोल्फ कार्ट से कार्यक्रम में भेजा जाएगा इनके नाम मन्दिर परिसर के सप्त मंडपों में विराजमान ऋषि मुनियों के नाम पर रखा गया है। योजना यह है कि जगह जगह बने भोजनालयों पर अतिथियों को पहुंचाया जाएगा। यहां सघन परीक्षण (स्क्रीनिंग) के बाद गोल्फ कार्ट से कार्यक्रम में भेजा जाएगा। बताया गया कि पूरा प्रबंध ऐसा है कि अतिथियों के कहीं भूलने भटकने की संभावना ही न रहे। रंग आधारित सुरक्षा व व्यवस्था की योजना सुनकर तो अधिकारी भी आश्वस्त हुए और तत्काल मुख्यमंत्री योगी ने भी अपनी सहमति दे दी। ध्वजारोहण की व्यवस्था के निमित्त आज मुख्यमंत्री ने लंबी बैठक की, वे उन स्थानों पर भी गए जहां-जहां प्रधानमंत्री को जाना है। मुख्यमंत्री के समक्ष ध्वज आरोहण का सफल परीक्षण भी किया गया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह ने रंग आधारित सुरक्षा योजना के सम्बन्ध में बताया कि प्रत्येक प्रांत को अलग अलग रंग आवंटित किया गया है। उस प्रांत की बसों पर उसी रंग के झंडे-बैनर होंगे। उसी रंग की प्रवेशिका (प्रवेश पत्र) और कार्यक्रम में उनका बैठने का स्थान भी उसी रंग (झंडे /बैनर, सूचना पट आदि) से दमकता मिलेगा।इससे दूर से ही पता चल जाएगा कि किस रंग वालों कहां बैठना है, किधर जाना है।