राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह के लिए अनुष्ठान शुरू:251 महिलाओं ने एक दिन पहले निकाली कलश यात्रा; PM मोदी 25 को आएंगे अयोध्या

अयोध्या के राममंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 25 नवंबर को PM नरेंद्र मोदी बटन दबाकर ध्वज को फहराएंगे, उनके साथ मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। इसके लिए 12 बजे से 12.30 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त तय किया गया है। जन्मभूमि मंदिर परिसर में मंडप और बेदी पूजन के साथ ध्वजारोहण समारोह के लिए अनुष्ठान शुरू हो गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा सपत्नी राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह के मुख्य यजमान हैं। इससे पहले 20 नंवबर को 251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। 25 नवंबर को इसी जल से रामलला का अभिषेक किया जाएगा। 12 मंदिरों से निकलेगी राम बारात
अयोध्या में राम विवाह का उत्सव शुरू हो गया। हर घर में सजावट की जा रही है। 25 नवंबर को अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से भव्य राम बारात निकाली जाएगी। कनक भवन, मणिरामदास छावनी, रामवल्लभाकुंज, रंगमहल, जानकी महल, श्रीरामहर्षण कुंज, लक्ष्मण किला सहित 12 मंदिरों से प्रभु की बारात और झांकियां पूरी अयोध्या में निकाली जाएगी। जो बारात, जिस मंदिर से शुरू होगी, वहीं पर आकर खत्म होगी। भक्ति संगीत, शहनाइयों और मृदंग की ताल पर भक्त नाचते हुए चलेंगे। 26 यजमानों ने पत्नी के साथ अनुष्ठान में भाग लिया
ध्वजारोहण समारोह में आज मंदिर परिसर की यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों- ऋचाओं के बीच आमंत्रित 26 यजमानों ने सपत्नीक अनुष्ठान में भाग लिया। प्रत्येक वेदी पर पूजन सामग्री के साथ दो आचार्य और दो यजमान सपत्नीक बैठे थे। अनुष्ठान दो सत्रों में लगभग 06 घण्टे चला और विधिवत हवन के साथ सम्पन्न हुआ। इस अनुष्ठान के मुख्य यजमान ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र हैं। अन्य यजमानों में कृष्ण मोहन (ट्रस्टी), शैलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ चन्द्र गोपाल पाण्डेय, शशि कुमार, सुदर्शन ,डॉ अरुण कुमार जायसवाल, भरत भाई मेवाड़ा, पीयूष सिंघल, डॉ संजीव थापर,कृष्ण कुमार तिवारी, सुशील सिंह, जगदीश आफले, ताराचंद्र अग्रवाल व धनंजय वर्मा आदि हैं। अनुष्ठान के मुख्य आचार्य चन्द्र भानु शर्मा दिल्ली और उपाचार्य रवींद्र पेठठो नासिक हैं। यज्ञशाला के अंदर चतुर्वेद यानी ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का अलग अलग वैदिक पाठ कर रहे हैं। 25 नवंबर को PM का 3 घंटे का दौरा
अयोध्या में PM मोदी का दौरा 3 घंटे का होगा। वह 11 बजे अयोध्या पहुंच जाएंगे। पीएम मोदी राम मंदिर से पहले हनुमानगढ़ी पहुंचेंगे। वहां दर्शन-पूजन करेंगे। वह रामलला समेत राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारेंगे। अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 से 12.30 के बीच 191 फीट ऊंचे शिखर पर पीएम मोदी ध्वजारोहण करेंगे। PM सप्त मंदिर परकोटा, शेषावतार मंदिर और रामायण के श्री डी म्यूरल्स भी देख सकते हैं। फिर वो मंदिर में काम करने वाले इंजीनियर और श्रमिकों से मुलाकात कर सकते हैं। उनके लिए मां अन्नपूर्णा मंदिर के पीछे ग्रीन हाउस तैयार किया गया है। SPG ने यहां की सिक्योरिटी अपने कब्जे में रखी है। जगद्गुरु शंकराचार्य द्वार से PM मोदी करेंगे प्रवेश PM मोदी राम मंदिर में जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार से प्रवेश करेंगे। इसके अलावा राम मंदिर के अन्य द्वार को भी संतों को समर्पित किया गया है। इसमें दक्षिण द्वार- जगद्गुरु शंकराचार्य द्वार, दक्षिण-पूर्व द्वार-जगद्गुरु माधवाचार्य द्वार, उत्तर द्वार-जगद्गुरु रामानुजाचार्य द्वार व सुग्रीव किला- मार्ग प्रवेश द्वार जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार के नाम से जाना जाएगा। ऑटोमैटिक फ्लैग होस्टिंग से ध्वज बदलेगा
ध्वज फहराने के लिए ऑटोमैटिक फ्लैग होस्टिंग सिस्‍टम लगाया गया है। ध्वज बदलने के लिए भी इस सिस्टम की मदद ली जाएगी। हालांकि, ट्रस्ट ने अभी ये नहीं क्लियर किया है कि कितने-कितने अंतराल के बाद ये ध्वज बदला जाएगा। हवा के बहाव के साथ ध्वज 360 डिग्री पर घूम सकेगा। राम मंदिर में पहली बार राम-सीता विवाह उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान 8 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से ढाई हजार लोगों के रुकने के लिए तीर्थ पुरम में टेंट सिटी बसाई जा रही है। 25 नवंबर को VIP मूवमेंट की वजह से आम लोग दर्शन नहीं कर सकेंगे। ट्रस्ट के अनुसार, भक्त 26 नवंबर को ही दर्शन कर सकेंगे। अहमदाबाद के कारीगरों ने पैराशूट फैब्रिक से बनाया ध्वज
अहमदाबाद के कारीगरों द्वारा तैयार राम मंदिर पर फहराने वाले ध्वजा कई मायनों में खास है। ध्‍वजा को विशेष नायलॉन पैराशूट फैब्रिक से तैयार किया गया है, जो धूप, बारिश और तेज हवा से सुरक्षित रहेगा। इसमें नमी और तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए डबल कोटेड सिंथेटिक परत बनाई गई है। ध्वज पर सूर्य वंश, ॐ , कोविदार वृक्ष के चिह्न बनाए गए हैं। राम मंदिर पर फहराने वाले ध्वज को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या ये तिरुपति बालाजी की तर्ज पर हर रोज बदली जाएगी। ट्रस्ट के मुताबिक, ऑटोमैटिक सिस्टम की वजह से इस ध्वजा को बदलने के लिए पुजारियों को शिखर पर ऊपर नहीं जाना होगा। जिस तरह से बटन दबाकर ध्वज फहराई जाएगी। उसी तरह से कंट्रोल रूम से ध्वजा को नीचे भी लाया जा सकेगा। पुजारी इस ध्वज को आसानी से बदल लेंगे। हालांकि, अभी तक तय नहीं किया गया कि ध्वज कितने अंतराल पर बदला जाएगा।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र कहते हैं- अभिजीत मुहूर्त में ही भगवान राम का जन्म हुआ था। इसी मुहूर्त में ही ध्वजारोहण भी किया जाएगा। भगवान से जुड़े सभी कार्यों में उनके जन्म नक्षत्र का बहुत महत्व है। राम मंदिर में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे मेहमान
पहले 25 नवंबर के आयोजन में मेहमानों को मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई थी। मगर दिल्ली में ब्लास्ट होने के बाद 1 बदलाव किया गया है। अब मेहमान अपने साथ मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेंगे। 8 हजार लोग पहुंच रहे, तीर्थ क्षेत्र पुरम में टेंट सिटी बसाई
राम मंदिर बनने के बाद पहली बार राम-सीता विवाह का उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें यूपी के अलावा जनकपुरी (नेपाल) से भी मेहमान बुलाए गए हैं। RSS प्रमुख मोहन भागवत और CM योगी आदित्यनाथ भी उत्सव में मौजूद रहेंगे। देश-दुनिया से जो मेहमान अयोध्या आ रहे हैं, उन्हें ठहराने के लिए 5000 से ज्यादा कमरों की व्यवस्था की गई है। इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं। ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब 1600 लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी। मेहमानों को खाने-पीने की दिक्कत न हो, इसके लिए ट्रस्ट ने 7 जगह पर भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की है। परिसर में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी।
मेहमानों को मिलेगा 500Kg लड्‌डुओं का प्रसाद
ध्वजारोहण और राम विवाह के उत्सव में अयोध्या आने वाले मेहमान खाली हाथ वापस नहीं जाएंगे। इसके लिए ट्रस्ट 500 Kg लड्डू तैयार करवा रहा है। ये लड्डू पहले रामलला को अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद प्रसाद रूप में इसे मेहमानों को दिया जाएगा। अयोध्या आने वाले मेहमानों के लिए 10 हजार से ज्यादा लॉकर बने हैं, जहां श्रद्धालु सामान जमा कर सकेंगे। एंट्री और एग्जिट रूट पर 2Km में कैनोपी लगाई गईं हैं, ताकि श्रद्धालु धूप और बारिश से बच सकें। परिसर में 30 से ज्यादा रामायण कालीन वृक्ष हैं। 10 एकड़ में पंचवटी का निर्माण हो रहा है। यहां बंदरों, पक्षियों, मोर का बसेरा होगा। साथ ही एक छोटा जलाशय भी बन रहा है। अयोध्या में 2 दिन रहेंगे भागवत
RSS प्रमुख मोहन भागवत ध्वजारोहण आयोजन से एक दिन पहले अयोध्या आ जाएंगे। उनका 2 दिन 24 और 25 नवंबर का अयोध्या स्टे रहेगा। वह इस दौरान किन लोगों से मुलाकात करेंगे, इसको लेकर RSS की तरफ से कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। QR कोड से सिक्योर कार्ड
आमंत्रण कार्ड पर क्‍यूआर कोड लगाए गए हैं। इनमें खास मेहमान की पूरी डिजिटल पहचान है। इसे स्‍कैन करते ही गेस्ट की पहचान, सीट नंबर और प्रवेश द्वार की डिटेल आ जाएगी। सिक्योरिटी को लेकर एडमिनिस्ट्रेशन इसलिए भी ज्यादा संजीदा है, क्योंकि PM रहते हुए नरेंद्र मोदी की ये 5वीं अयोध्या यात्रा होगी। इससे पहले वो 4 बार अयोध्या आ चुके हैं। ———————————- राम मंदिर से जुड़ी ये भी पढ़ें अयोध्या राम मंदिर का ध्वज आंधी-तूफान में भी फहराएगा; PM मोदी 25 नवंबर को फहराएंगे अयोध्या में भगवान राम का मंदिर तय समय में बनकर तैयार हो चुका है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के 1 साल 9 महीने के बाद अयोध्या में एक बार फिर बड़ा आयोजन होगा। PM नरेंद्र मोदी यहां 25 नवंबर को धर्मध्वजा फहराएंगे। पढ़िए पूरी खबर..