राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,38,522 मामले निपटाए गए:परिवार न्यायालय में 21 दंपत्तियों का आपसी समझौता कराया गया

प्रतापगढ़ जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,38,522 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 57 वैवाहिक मामले भी शामिल थे, जिनमें से 21 दंपत्तियों ने आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अपनी समस्याओं का समाधान किया। लोक अदालत का उद्घाटन प्रशासनिक न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर करने का निर्देश दिया, ताकि वादकारियों को शीघ्र न्याय मिल सके। न्यायाधीश राजीव कमल पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण होने से आम जनता को लंबे समय से चल रहे मुकदमों से राहत मिलती है। राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी अंकिता दुबे ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी विजय पाल, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रीता गुप्ता, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राम नारायण सहित सभी न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता संगठन के पदाधिकारी, मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेन्स काउंसिल और पीएलवी उपस्थित थे। निस्तारित किए गए कुल 1,38,522 मामलों में विभिन्न श्रेणियां शामिल थीं। इनमें 4,431 फौजदारी, 14 एनआई एक्ट, 187 विद्युत, 41 मोटर दुर्घटना, 57 वैवाहिक, 37 सिविल, 981 बैंक ऋण, 4 बीएसएनएल और 3 स्थायी लोक अदालत के मामले थे। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक अधिकारियों के 1,31,772 तथा यातायात कार्यालय के 1,570 मामले भी निपटाए गए। फौजदारी मामलों में कुल 1,06,490 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 41 मामलों में पीड़ितों को 2 करोड़ 72 लाख 24 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। बैंकों के 981 मामलों में 6 करोड़ 3 लाख 86 हजार 905 रुपये का समझौता हुआ, जबकि बीएसएनएल के मामलों में 7,550 रुपये का समझौता किया गया।