रोजा इफ्तार गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान: अखिलेश यादव:माइनॉरिटी डेवलपमेंट फोरम में पहुंचे सपा प्रमुख; बोले- विदेश नीति में उलझाया गया, शंकराचार्य जी को पूरा समर्थन

राजधानी में माइनॉरिटी डेवलपमेंट फोरम की ओर से आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए। शुक्रवार को कार्यक्रम में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली समेत कई उलमा और सपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इफ्तार के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने रोजा इफ्तार को देश की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी मेल-जोल और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

इफ्तार पार्टी की तस्वीर इफ्तार पार्टी में जुटे सियासी और धार्मिक चेहरे
राजधानी में आयोजित इस रोजा इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेता और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और उलमा मौलाना सूफियान निजामी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इफ्तार के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी से मुलाकात की और रमजान के महीने में भाईचारे और सद्भाव के संदेश पर जोर दिया।

“रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की पहचान”
अखिलेश यादव ने कहा कि रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के अलग-अलग वर्गों को एक साथ आने और संवाद का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में होली का त्योहार मनाया गया, जिसमें लोग गले मिले। अब कुछ ही दिनों बाद ईद आएगी, तब भी लोग एक-दूसरे से गले मिलेंगे। यही भारत की असली पहचान है।

नीतीश कुमार को लेकर भी किया तंज
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती थी कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब लगता है कि वे राज्यसभा में ही रिटायर होंगे।
उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

युद्ध के खिलाफ है समाजवादी पार्टी
अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी युद्ध के पक्ष में नहीं है क्योंकि युद्ध के परिणाम हमेशा दुखद होते हैं।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार की विदेश नीति स्पष्ट नजर नहीं आ रही है।

“सरकार की विदेश नीति ने भारत को उलझाया”
सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जो विदेश नीति दिखाई जा रही है, वास्तविकता उससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति ने भारत को कई मामलों में उलझा दिया है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट और संतुलित नीति होना जरूरी है।

शंकराचार्य विवाद पर भी दिया बयान
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी पूजनीय साधु-संतों को शंकराचार्य का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोगों का अपमान करती है और शंकराचार्य के खिलाफ झूठे मुकदमे से उन्हें पीड़ा हुई होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि भारत के इतिहास में पहले कभी किसी शंकराचार्य का इस तरह अपमान नहीं किया गया।