लखनऊ कमिश्नर ने DM ऑफिस का निरीक्षण किया:बोले- लंबित मामलों का जल्द निपटारा करें, टैक्स वसूली समय से हो

लखनऊ में शुक्रवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जिलाधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली, अभिलेखों की समीक्षा की और लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने निरीक्षण की शुरुआत संयुक्त कार्यालय से की। यहां विभिन्न पटलों पर संरक्षित रजिस्टरों और पत्रावलियों का अवलोकन किया। समीक्षा के बाद निर्देश दिया गया कि संयुक्त कार्यालय में एक मास्टर रजिस्टर तैयार किया जाए, जिससे कार्यों की समेकित निगरानी संभव हो सके। उन्होंने सरकारी सेवा से संबंधित चरित्र सत्यापन के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सत्यापित कर संबंधित विभागों को शीघ्र प्रेषित करने को कहा। आर-ए-2 पटल के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने लंबित उत्तराधिकार प्रकरणों की जानकारी ली। गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
मंडलायुक्त ने प्रभारी अधिकारी संयुक्त कार्यालय और प्रशासनिक अधिकारी को निर्देश दिया कि वे नियमित अंतराल पर सभी पटलों का निरीक्षण करें और कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता बनाए रखें। इसके बाद उन्होंने संपूर्ण कलेक्ट्रेट भवन का भ्रमण किया और विभिन्न अनुभागों की स्थिति का जायजा लिया। शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण के दौरान नवीनीकरण और वरासत से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी ली गई। अभिलेख सुव्यवस्थित पाए जाने पर मंडलायुक्त ने संतोष व्यक्त किया और नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी नगर (पूर्वी) के न्यायालय के निरीक्षण के दौरान टेनेंसी एक्ट, खाद्य सुरक्षा, राजस्व, आबकारी और सरफेसी एक्ट से संबंधित वादों की स्थिति की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए दैनिक आधार पर तिथि निर्धारित करने और लंबित तामीलों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। अभिलेखागार और वसूली कार्यों की समीक्षा निरीक्षण के क्रम में सभागार, ईआरके, जेआरके, अभिलेखागार और सीआरए अनुभाग का भी निरीक्षण किया गया। अभिलेखागार में रिकॉर्ड कॉम्पैक्टर में सुव्यवस्थित पाए गए। सीआरए अनुभाग में अमीनवार वसूली की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया गया कि वसूली कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी., अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), नगर मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन है, जिसे हर स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।