लखनऊ के लालबाग गर्ल्स डिग्री कॉलेज के रिकार्ड्स में डॉ.शाहीन का नाम मेरिटोरियस स्टूडेंट के तौर पर दर्ज है। स्कूल में उसकी पहचान मेरिटोरियस स्टूडेंट की रही। साल 1988 में 6वीं में उसने दाखिला लिया था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उसकी फर्स्ट डिवीजन थी और यहां से पासआउट होने के बाद उसने CPMT परीक्षा पास कर MBBS की पढ़ाई की। ये कहना है, लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल निशा श्रीवास्तव का। उन्होंने बताया- मुझे मीडिया के जरिए ही पता चला कि डॉ.शाहीन लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज की पढ़ी हुई हैं। ये बेहद शॉकिंग न्यूज रही। यहां पढ़ने वाले बच्चे भी ये सुनकर हैरान है। कुछ बच्चों ने इसको लेकर मुझसे बात भी की, मैंने उन्हें समझाया भी है। पर ये बेहद चौकाने वाला है कि स्कूल में पढ़कर निकली छात्रा इस तरह की घटना में शामिल थी। 2002 में स्कूल किया जॉइन निशा श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ.शाहीन का बैकग्राउंड मुझे नहीं पता क्योंकि पुरानी हमारी सारी टीचर्स तो रिटायर्ड हो चुकी हैं। 2002 में मैंने यहां पर जॉइन किया था। 2022 में मैंने प्रिंसिपल का चार्ज संभाला है। अभी तक जांच और पड़ताल के लिए कोई जांच एजेंसी सामने नहीं आयी और जो भी एजेंसी आती है तो हम उसका पूरा सहयोग करेंगे। बच्चों को समझा रही हूं प्रिंसिपल ने बताया- हम बच्चों को समझा रहे हैं। बच्चों के लिए सन्देश सही नहीं गया है। यह बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। डॉक्टर शाहीन को सुनकर बच्चे भी बहुत हैरान परेशान हैं।