लखनऊ छोटा इमामबाड़ा में मौलाना जवाद के समर्थन में सम्मेलन:ईरान में इमाम खुमैनी अवॉर्ड मिलने की दी बधाई, मौलाना बोले- भारत-ईरान अच्छे दोस्त

लखनऊ के शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद के समर्थन में छोटा इमामबाड़ा में सम्मेलन का आयोजन हुआ। बीते दिनों मौलाना को ईरान में सम्मानित किया गया था। मौलाना को प्रतिष्ठित ‘इमाम खुमैनी’ अवॉर्ड मिला था । इस खास मौके पर टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजलुल मन्नान, स्वामी सारंग, प्रतिपाल सिंह, एजाज अली मीनाई, अशोक सिंह समेत बड़ी विभिन्न धर्म के धर्म गुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीति से जुड़े हुए लोग शामिल हुए। दूसरों को शिक्षित करने में जीवन लगा दिया कार्यक्रम में शामिल हुए स्वामी सारंग ने कहा कि मौलाना ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा शिक्षा हासिल करने में और दूसरों को शिक्षित बनाने में लगा दिया। ऐसे में मौलाना का जीवन दूसरों के लिए एक मिसाल है। हमारी युवा पीढ़ी मौलाना से प्रेरित हो और वह भी शिक्षा और सामाजिक काम में आगे आए । हम सभी लोग मौलान को मिले सम्मान के लिए बधाई देने के लिए एकत्रित हुए है , ये हम लोगों के लिए बेहद खुशी की बात है। इस शहर की गंगा जमुनी तहजीब को बनाए रखने में मौलाना का अहम योगदान है। भारत-ईरान एक-दूसरे का दोस्त कार्यक्रम के दौरान ईरान के समर्थन में नारे लगे, भारत और ईरान को एक दूसरे का दोस्त बताया गया । मौलाना जवाद ने कहा कि जब इस तरह का सम्मान मिलता है तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है । शिक्षा हासिल करना और शिक्षा में मदद करना सबसे अच्छा कार्य है। ईरान हमेशा भारत का दोस्त और मददगार रहा है। मौलाना ने कहा कि अमेरिका हमेशा इंसानियत का दुश्मन रहा है। उसकी यही कोशिश होती है कि दो देशों को कैसे आपस में लड़ाया जाए। इसलिए हम लोग हमेशा अमेरिका जैसे देश के विरोध में रहे हैं। मगर ईरान से मानवता का संदेश पूरे विश्व में जाता है और भारत भी मानवता की ही बात करता है।