लखनऊ नगर निगम ने बजट 400 करोड़ बढ़ाया:मेयर बोलीं- 2 महीने में सड़कें गड्‌ढ़ा मुक्त, स्ट्रीट लाइटें सही करेंगी, पार्षद बोले- GST न लगाएं

लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच करीब डेढ़ महीने तक चली तनातनी से शहर के विकास कार्यों पर बुरा असर पड़ा। सड़कों के गड्ढों को भरने का बजट खत्म हो गया। गड्ढे भरने का काम पूरा भी नहीं हो पाया, करीब डेढ़ महीने से बजट की कमी से विकास कार्यों में आई रुकावट अब दूर होगी। नगर निगम को 4,700 करोड़ रुपए के रिवाइज्ड बजट की मंजूरी मिल गई है। मूल बजट 4,300 करोड़ रुपए था। इसमें 400 करोड़ रुपए बढ़ाया गया है। अब सड़क पैच वर्क, स्ट्रीट लाइटिंग, नाला मरम्मत, पेंशन और पेट्रोल-डीजल से जुड़े काम आसानी से हो सकेंगे। बजट पुनरीक्षण बैठक में मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- गड्‌ढा मुक्त सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दो महीने में टारगेट पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही मेयर ने नगर निगम की इनकम बढ़ाने पर भी जोर दिया। जलकल विभाग का बजट बढ़ाया जलकल विभाग की तरफ से बिजली, लाइटिंग, पाइप फिटिंग, नलकूप की मरम्मत के लिए बजट बढ़ाया गया है। मोटर ट्रांसफर के बजट को भी बढ़ाया गया। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा- अब जलकल विभाग की तरफ से ही भरवारा प्लांट की सफाई कराई जाएगी। इसके पहले नगर निगम की तरफ से दिए गए फंड से इसकी सफाई होती थी। बजट पुनरीक्षण बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई… 1. फेल बोरिंग पर वाटर हार्वेस्टिंग: भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा ने वाटर हार्वेस्टिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने जलकल विभाग से फेल बोरिंग पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने की मांग की। इस दौरान 25 लाख रुपए की मद बनाने की सहमति मिली। शहर में अवैध होर्डिंगों का मुद्दा भी उठाया गया। इसपर मेयर और नगर आयुक्त ने कमेटी बनाने का आश्वासन दिया। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2. पेट्रोल-डीजल बजट: पार्षदों ने कार्यकारिणी में डीजल पेट्रोल का बजट 20 करोड़ से 32 करोड़ करने का विरोध किया। उन्होंने कहा- जब कार्यदायी संस्थाओं से ही अधिकतर काम कराए जा रहे हैं। फिर ऐसे में डीजल-पेट्रोल का खर्च क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा। 3. बदहाल टॉयलेट: पार्षदों ने कहा- शहर के शौचालय बदहाल पड़े हुए हैं। कई पिंक टॉयलेट बंद हैं। शहर में कई टॉयलेट ऐसे हैं, जिनका सालना शुल्क करीब 11 हजार रुपए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की तरफ से नहीं जमा किया गया है। इसपर नगर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। 4. जीएसटी हटाएं: भाजपा-सपा पार्षद इस बात पर एकमत थे कि उनकी 2.10 करोड़ रुपए की विकास निधि से 18 फीसदी जीएसटी हटा दी जाए। इससे उन्हें अधिक विकास निधि क्षेत्र के विकास करने में लगाने का मौका मिलेगा। 5. मेयर-नगर आयुक्त की विकास निधि: मेयर और नगर आयुक्त के विकास निधि को भी बढ़ाने की मांग की गई। इस पर नगर आयुक्त ने कहा- इसे सामान्य बजट बैठक में ही बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में अगले साल की बजट बैठक में इसपर निर्णय लिया जाएगा। इससे पार्षदों की मांग ठंडे बस्ते में चली गई। 3392 करोड़ रुपए नगर निगम की इनकम नगर निगम ने 3,392 करोड़ इनकम का लक्ष्य रखा है। इस दौरान कुल खर्च 3,391 करोड़ रहेगा। नगर निगम के कुल इनकम में 2,266 करोड़ रुपए हाउस टैक्स और अन्य वसूली से है। राज्य, केंद्र 15वें वित्त और अन्य मदों से निगम को 1092 करोड़ रुपए सहित 34 करोड़ रुपए की इनकम अलग से होगी। कुल मिलाकर नगर निगम की इनकम 3992 करोड़ रुपए आंकी गई है। सड़क मरम्मत, नाला निर्माण, पार्क का देखरेख, गोशाला पर 2265 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, सीएम ग्रिड, गोशाला सहित अन्य विकास कार्य के लिए 1092 करोड़ और 34 करोड़ रुपए का खर्च अन्य मदों में होगा। कुल मिलाकर 3,391 करोड़ रुपए का खर्च होगा। नालों को ढकने के लिए बजट आवंटित
बैठक में पास हुए पुनरीक्षित बजट के बारे में मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया- नाला पुलिया और क्रासिंग के लिए मूल बजट में महज 20 लाख का प्राविधान किया गया था। जिससे खुले नालों को ढकने और टूटी पुलिया और क्रासिंग का काम भी नहीं हो पा रहा था। जिसे अब पुनरीक्षित बजट में बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर दिया गया है। बेसहारा गायों के रखरखाव के लिए भी 8 करोड़ रुपए बजट बढ़ाया गया है। खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए 2 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की गई है। खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने और पार्कों के रखरखाव के लिए बजट बढ़ाया गया है।
मुहल्ले की सड़क की करवा सकते है मरम्मत
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा- अगर आपके गली-मुहल्ले की सड़क चलने योग्य नहीं है। अगर सड़क बिल्कुल ही नहीं बनी है तो नगर निगम को इसकी जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने कहा- जर्जर सड़क की तस्वीर, कॉलोनी वासियों का प्रार्थना पत्र लिखकर अपने जोन के एक्सईएन को दीजिए। एक्सईएन के साथ ही वार्ड के पार्षद को भी पत्र दिया जा सकता है। अगर जर्जर सड़क मरम्मत की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे नगर आयुक्त कार्यालय में आकर आवेदन दिया जा सकता है। आवेदन के आधार पर संबंधित जोन के अफसरों से रिपोर्ट लेने के बाद सड़क के लिए बजट को मंजूरी दी जाएगी।
नगर निगम का बजट इन मद में बढ़ाया गया क्या होता है रिवाइज्ड बजट नगर निगम का मूल बजट 31 मार्च से पहले पास किया जाता है, जो एक अप्रैल से लागू होता है। किसी कार्य के लिए जो बजट पास होता है, यदि उससे अधिक धनराशि पहले ही खर्च हो जाती है या होने का अनुमान होता है तो अक्टूबर में रिवाइज्ड बजट लाकर धनराशि बढ़ाई जाती है। नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के तहत रिवाइज्ड बजट अक्टूबर के पहले सप्ताह में पास हो जाना चाहिए, लेकिन इस साल यह अब तक नहीं हो पाया। नगर आयुक्त और महापौर के बीच चल रहे टकराव से रिवाइज्ड बजट अटका हुआ था। बजट पास करने के लिए कार्यकारिणी बैठक बुलाई जाती है। यहां बजट पास होने पर उसे अनुमोदन के लिए सदन में भेजा जाता है। ……………………………………… यह खबर भी पढ़ें लखनऊ में चलती कार आग का गोला बनी..VIDEO: 2 लोगों ने कूदकर बचाई जान, सड़क पर भगदड़ से हालात बने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में चलती कार में आग लग गई। कार में मौजूद 2 लोगों ने गाड़ी से कूद कर जान बचाई। आग लगने के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चला है। यहां पढ़ें पूरी खबर