लखनऊ में किडनैपिंग, चलती कार में गला दबाकर मारा:सीसीटीवी से छिपने के लिए सर्विस रोड पकड़ी, उन्नाव में 5 आरोपियों ने जलाई लाश

लखनऊ के निगोहां में 25 दिन से लापता किसान की जमीन विवाद में हत्या की गई थी। आरोपियों ने उसे कार से अगवा किया। रायबरेली में चलती गाड़ी में गला दबाकर मार डाला। उसकी लाश को लेकर उन्नाव गए। वहां पेट्रोल से जला कर हाईवे किनारे फेंक दिया। रास्तों के सीसीटीवी से बचने के लिए आरोपियों ने सर्विस रोड का सहारा लिया। पुलिस ने सोमवार को हत्या करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एडीसीपी साउथ रालापल्ली बसंत ने बताया- दखिना शेखपुर के रहने वाले शिव प्रकाश का अधजला शव उन्नाव के बीघापुर में मिला। परिजनों ने शव की पहचान की थी। इसके बाद से पुलिम टीम हत्यारों की तलाश में जुटी थी। शिव प्रकाश के भाई ने फर्जी तरीके से जमीन बेची दखिना गांव के रहने वाले शिव प्रकाश पेशे से किसान थे। उनकी जमीन का हिस्सा एक प्राइवेट प्लॉटिंग साइट में शामिल था। इसकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही थी। मृतक दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई ने अपना हिस्सा पहले ही बेच दिया था। वहीं, मां के हिस्से की जमीन की वसीयत शिव प्रकाश के नाम कर दी गई थी। इसके बाद में बड़ा भाई मां को अपने साथ ले गया। उनसे अपने नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई। फिर जमीन को बिचौलियों के जरिए बेच दिया। बिचौलियों ने केस वापस लेने की धमकी दी जब शिव प्रकाश को इस हेराफेरी की जानकारी हुई, तो उसने न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया। उसकी लगातार पैरवी कर रहा था। मुकदमे के चलते कंपनी ने जमीन बिचौलियों पर दस्तावेज दुरुस्त कराने का दबाव बनाया। इसी दबाव के चलते बिचौलियों ने शिव प्रकाश पर मुकदमा वापस लेने के लिए धमकियां दीं। लेकिन वह झुकने को तैयार नहीं हुए। नगराम का रहने वाला एक बिचौलिया सुजीत श्रीवास्तव इससे काफी गुस्सा हो गया। अपने साथियों के साथ मिलकर शिव प्रकाश की हत्या कर दी। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा… हत्या की प्लानिंग के लिए फर्जी मोबाइल और सिम खरीदे आरोपी सुजीत कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया- दोस्तों के साथ शिव प्रकाश की हत्या की प्लानिंग की। कई की पैड मोबाइल और फर्जी कागजातों से सिम कार्ड खरीदे। चीन की कंपनी का एक अन्य मोबाइल लखनऊ से खरीदा था। यह फोन दिलीप को दे दिया। सुजीत और दिलीप हत्या की योजना बनाने के लिए दोनों नम्बरों से आपस में बात करते थे। समय-समय पर दिलीप दोनों नम्बरों से शिव प्रकाश से भी बात करता था। दिलीप ने बातचीत करके धीरे-धीरे शिव प्रकाश से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। धोखा देकर कार में बैठाया सुजीत ने बताया- 15 नवंबर की शाम को शिव प्रकाश को धोखे से लालपुर टावर के पास बुलाया। जहां पहले से योजनाबद्ध तरीके से कार में सुजीत, राजू और दूसरी कार जिसे दिलीप चला रहा था उसमें विनोद, पिन्टू, लालू उर्फ नीरज सवार थे। थोड़ी ही देर में कबीर उर्फ शिवप्रकाश मौके पर आ गया। दिलीप और पिन्टू ने मिलकर शिवप्रकाश को बात करते हुए बहला फुसलाकर बातों में उलझाते हुए गाड़ी में बैठने के लिए कहा तो शिवप्रकाश कार में बैठने के लिए तैयार नहीं हुआ। लिंक रोड से ले गए, लाश जलाई दिलीप और पिन्टू ने शिव प्रकाश को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद उसे सुदौली मोड़ से भवरेश्वर मंदिर को जाने वाले रास्ते पर ले गए। कैमरे की नजर में न आ पाएं। इसलिए लिंक रोड का सहारा लिया। कुछ देर में हम लोग लालगंज डलमऊ होते हुए रायबरेली पहुंच गए। शिवप्रकाश को हम लोगों ने कार के अंदर ही गला दबाकर मार दिया। लाश को ठिकाने लगाने के लिए सुनसान जगह की तलाश में उन्नाव के बीघापुर पहुंचे। यहां शिवप्रकाश की लाश पेट्रोल छिड़ककर जला दी। फिर उसकी लाश और मोबाइल को हाईवे किनारे खाई में फेंक दिया। ……………………………………. संबंधित खबर पढ़ें 13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड ने इंजीनियर का गला काटा: खुद पुलिस को फोन किया, लखनऊ में 2 बेटियों के साथ लिव-इन में रहती थी लखनऊ में 13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड ने इंजीनियर प्रेमी की गला काटकर हत्या कर दी। दोनों लिव-इन में रहते थे। महिला के साथ उसकी 18 और 14 साल की 2 बेटियां भी रहती थीं। मर्डर करने के बाद करीब 10 घंटे तक महिला अपनी दोनों बेटियों के साथ दूसरे कमरे में बैठी रही। उसके बाद खुद ही पुलिस को फोन कर कहा- मैंने अपने प्रेमी की हत्या कर दी है। यहां पढ़ें पूरी खबर