लखनऊ में चाइनीज मांझे से 2 की गर्दन कटी:पशुपालन विभाग के बाबू-छात्र चपेट में आए, 30 दिन में 17 घायल-1 की मौत

लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में चाइनीज मांझे से 2 लोगों की गर्दन कट गई। पशुपालन विभाग के कर्मचारी और एक छात्र गंभीर घायल हो गए। दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। माल एवेन्यू शिवपुरी मंदिर के पास रहने वाले रामखेलावन (54) पशुपालन विभाग में नौकरी करते हैं। गुरुवार शाम 5 बजे घर से कूलर बनवाने के लिए निकले थे। वापस लौटने के दौरान घर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर पर चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। उनकी गर्दन कट गई, जिससे वह स्कूटी लेकर मौके पर गिर गए। घटना के बाद पड़ोसियों ने उनको संभाला। इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। नाका पुल पर छात्र की गर्दन कटी सुशांत गोल्फ सिटी के रहने वाले प्रणव यादव अपने दोस्तों के साथ बाइक से पान दरीबा से घर की तरफ लौट रहे थे। तभी नाका पुल पर अचानक से चाइनीज मांझा उनके चेहरे पर आ गिरा। जिससे उनके चेहरे पर गहरे जख्म हो गए। दोस्तों ने इलाज के लिए छात्र को सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसके दो टांके लगे हैं। हैदरगंज से शुरू हुआ गर्दन कटने का सिलसिला, युवक की मौत 5 फरवरी 2026 को हैदरगंज फ्लाईओवर पर 33 साल के मेडिकल कर्मी मोहम्मद शोएब बाइक से गुजर रहे थे। वहीं पर चाइनीज मांझा फंसा हुआ था। वह शोएब को दिखा नहीं और उनका रेत गया। अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन शोएब नहीं बचे। घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। उसी दिन गोमतीनगर विस्तार में बिजली विभाग के संविदा कर्मी की गर्दन में मांझा लगा। उसे 4 टांके लगे। वह मरम्मत के काम से खंभे पर चढ़ा था। उसके अगले ही दिन मांझे से रिटायर्ड फौजी का जबड़ा करीब 10 इंच तक कट गया। गनीमत रही कि मांझा उनकी गर्दन से थोड़ी दूर लगा। 9 फरवरी को 14 घंटे में 4 गंभीर मामले 9 फरवरी को कुड़िया घाट, बंधा रोड (ठाकुरगंज), हिवेट रोड और नाका फ्लाईओवर के पास 14 घंटे के भीतर 4 लोग मांझे से घायल हुए। किसी की गर्दन कटी, किसी का चेहरा लहूलुहान हुआ।
12 फरवरी को गोमतीनगर के हैनीमेन क्रॉसिंग पर 29 वर्षीय डॉ. सुरभि मांझे से घायल हुईं। वह स्कूटी से जा रही थीं, मांझा अचानक माथे और कान के पास गहरा घाव कर गया। 14 फरवरी को अलीगंज में अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार घायल हुए। 15 फरवरी को आलमबाग के पकरिया पुल के पास पत्रकार ध्रुव नारायण पांडेय मांझे की चपेट में आ गए। 16 फरवरी को हुसैनगंज फ्लाईओवर के पास मोहम्मद मुशर्रफ और उनकी पत्नी भी घायल हुए। 48 घंटे में छापेमारी, 700 से अधिक जगहों पर जांच की मांझे से लखनऊ में एक मौत के बाद पुलिस ने 5 और 6 फरवरी को बड़े पैमाने पर छापेमारी की। दावा किया कि करीब 700 दुकानों और स्थानों का निरीक्षण किया गया। कई जगहों से मांझा जब्त किया गया, चेतावनी दी गई और FIR भी दर्ज की गईं। ड्रोन से भी उड़ती पतंगों के मांझे ट्रेस किए। बाजार खाला पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया जिनके पास से चाइनीज मांझा बरामद होने का दावा किया गया। युवक बाइक से कहीं जा रहे थे, पुलिस ने उन्हें मुखबिरों की सूचना पर पकड़ लिया। दावा किया कि वे पतंगबाजी करने जा रहे थे। पुलिस की ये कार्रवाइयां 2-4 दिनों में ही ढीली पड़ गईं। हाईकोर्ट भी सख्त… केवल शासनादेश पर्याप्त नहीं, कानून बनाना जरूरी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चाइनीज मांझे की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया। 10 फरवरी को सुनवाई में न्यायालय ने कहा- इसे रोकने के लिए केवल शासनादेश पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी प्रावधान बनाने होंगे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि मांझों की बिक्री और इस्तेमाल जारी रहा, तो पीड़ितों को सरकार को मुआवजा देना होगा। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझा कहे जाने वाले लेड-कोटेड और नायलॉन मांझों पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए मजबूत कानूनी ढांचा जरूरी है। कोर्ट ने यूपी सरकार को 11 मार्च तक जवाबी शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। पूर्ण प्रतिबंध लगाइए, मौत की सुर्खियों पर सक्रिय न होइए हाईकोर्ट को सरकार ने यह भी तर्क दिया कि ये सिंथेटिक मांझे हैं और इन्हें ‘चाइनीज मांझा’ गलत नाम दिया गया है, जिससे यह भ्रम होता है कि ये चीन से आयात होते हैं। हालांकि, न्यायालय सरकार की इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल शासनादेश जारी करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। ज्यादा ठोस कदम उठाने की जरूरत है। न्यायालय ने कहा- जब भी ऐसे मांझे से गंभीर चोटें या मृत्यु की घटनाएं घटित होती हैं। वे मीडिया की सुर्खियां बनती हैं, तभी अधिकारी सक्रिय होते हैं। सुर्खियों पर सक्रिय न होइए। नया शपथपत्र दाखिल कर ऐसे मांझों के बनाने, बेचने और इस्तेमाल की रोकथाम के लिए कानून बनाइए। इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाइए। विधिक प्रावधान लागू करने का प्रस्ताव पेश करें। ——————————– संबंधित खबरें भी पढ़िए… ग्राउंड रिपोर्ट – चाइनीज मांझे से इकलौते बेटे की मौत, लिपटकर रोई मां:लखनऊ में लाश देख पत्नी बोली- देखो, कितने स्मार्ट लग रहे लखनऊ में चाइनीज मांझे की वजह से जान गंवाने वाले शोएब का जनाजा गुरुवार को उठा। घर के इकलौते बेटे की लाश देखने के बाद बूढ़ी मां बदहवास हैं। पत्नी का रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। सुध-बुध खो बैठी पत्नी होश में आने पर बस इतना ही कह पा रही थी कि देखो, सोते हुए कितने स्मार्ट लग रहे हैं। कोई इन्हें उठाओ। (पूरी खबर पढ़िए) गर्दन के ऊपर लगा मांझा, 10-इंच से लंबा गहरा घाव : 30 टांके लगे, बची जान; लखनऊ में 24 घंटे में दूसरी दुर्घटना लखनऊ में एक पूर्व फौजी को मांझा गर्दन से थोड़ा ऊपर जबड़े और होंठ में लग गया। इससे उनके चेहरे पर 10 इंच लंबा गहरा घाव हो गया। मांझा गर्दन में न लगने से पूर्व फौजी की जान बच गई। 30 टांके लगे हैं। यह दुर्घटना शहीद पथ पर गुरुवार दोपहर हुई। यह मांझे से हुई 24 घंटे में दूसरी दुर्घटना थी। इससे पहले बुधवार को मांझे से पुराने लखनऊ में 2 मासूम बेटियों के पिता की मौत हो गई थी। (पूरी खबर पढ़िए) लखनऊ में चाइनीज मांझे से बिजली कर्मी की गर्दन कटी : बाइक से ड्यूटी जाते समय हुआ हादसा, 26 घंटे में 3 घटनाएं लखनऊ में एक और युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसकी गर्दन कट गई। उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उसे छुट्‌टी दे दी गई। घायल की पहचान संविदा बिजली कर्मी सुधीर कुमार के रूप में हुई है। यह घटना 5 फरवरी की शाम करीब 5 बजे गोमती नगर विस्तार में हुई। इसके कुछ घंटे पहले गोमती नगर विस्तार में ही शहीद पथ पर रिटायर्ड फौजी का गाल और होंठ कट गया था। उसे 30 टांके लगे हैं। 4 फरवरी को पुराने लखनऊ में 2 मासूम बेटियों के पिता की मौत हो गई थी। (पूरी खबर पढ़िए) ‘चाइनीज मांझा रोकने को शासनादेश काफी नहीं’ : लखनऊ हाईकोर्ट ने कहा- कानून बनाएं, वरना पीड़ितों को मुआवजा देना होगा इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चाइनीज मांझे की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने कहा- इसे रोकने के लिए केवल शासनादेश पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी प्रावधान बनाने होंगे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि मांझों की बिक्री और इस्तेमाल जारी रहा, तो पीड़ितों को सरकार को मुआवजा देना होगा। (पूरी खबर पढ़िए)