लखनऊ में डायमंड जुबली जम्बूरी का फायर सेफ्टी प्लान:ADG ने डिफेंस एक्सपो स्थल का निरीक्षण किया, बोलीं- अलर्ट रहना होगा

लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 23 से 29 नवंबर तक होने वाले भारत स्काउट एवं गाइड के डायमंड जुबली जम्बूरी से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक (अग्निशमन एवं आपात सेवा) पद्मजा चौहान ने पूरे परिसर का विस्तृत फायर सेफ्टी निरीक्षण किया और आयोजन स्थल पर बनी अस्थायी संरचनाओं की अग्नि-सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए। 35000 प्रतिभागियों एवं VVIP आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी इस जम्बूरी में देश-विदेश के 35 हजार से अधिक स्काउट-गाइड शामिल होंगे। इसके अलावा महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई VVIPs का आगमन प्रस्तावित है। ऐसे में फायर डिपार्टमेंट ने पूरे परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन मानकर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की है। ADG पद्मजा चौहान ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थिति में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में त्रुटि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि तैनात टीमें 24×7 सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय रखी जाए। टेंट सिटी, स्टेडियम और हैंगर में सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच निरीक्षण के दौरान अस्थायी स्टेडियम, 350 एकड़ में फैले टेंट सिटी क्षेत्र, विभिन्न हैंगर, हॉस्टल और प्रशासनिक स्ट्रक्चर का गहन परीक्षण किया गया। ADG के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी लखनऊ अंकुश मित्तल, नोडल मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी और PGI के अग्निशमन अधिकारी मामचंद बड़गूजर भी मौजूद रहे। टीम ने बिजली कनेक्शन, फायर प्वाइंट्स, निकासी मार्ग, पानी की उपलब्धता और आपातकालीन वाहन गतिशीलता जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की। ड्यूटी पर तैनात टीमों को दिए गए कड़े निर्देश ADG ने लखनऊ एवं अन्य जिलों से ड्यूटी पर लगाए गए फायर अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन और आग से निपटने की तैयारियां हर समय सक्रिय रहें। उन्होंने बताया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में एक भी त्रुटि गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए विभाग को पूरी मजबूती के साथ कार्य करना होगा। जम्बूरी के लिए तैयार हो रहा देश का सबसे बड़ा अस्थायी फायर सेफ्टी ज़ोन डिफेंस एक्सपो स्थल पर विशाल टेंट सिटी, 35 हजार क्षमता के एरिना स्टेडियम और 100+ संरचनाओं के चलते यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़े अस्थायी फायर सेफ्टी प्रोजेक्ट्स में से एक बन गया है। फायर विभाग ने बताया कि आयोजन के दिनों में अतिरिक्त दमकल वाहन, हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म, एम्बुलेंस और रैपिड रेस्पॉन्स टीमें तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की जोखिमपूर्ण स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।