लखनऊ में सिपाही फांसी पर लटका:शादी से 2 महीने पहले सुसाइड, रूममेट बोला- दोपहर से मोबाइल बंद था

लखनऊ में सिपाही फांसी पर लटक गया। शुक्रवार दोपहर से ही उसका फोन बंद था। परिजनों ने साथी सिपाही को फोन किया। उसने रूम पर जाकर देखा तो सिपाही का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान आलमबाग थाने में तैनात सिपाही बाल कृष्ण के रूप में हुई है। बालकृष्ण बरहा कॉलोनी में किराए के कमरे में रहते थे। पुलिस जांच में जुटी है। सुसाइड की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। दरवाजा अंदर से बंद मिला मूलत: अलीगढ़ के रहने वाले बाल कृष्ण 2019 बैच के सिपाही थे। इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष चंद्र सरोज की गाड़ी चलाते थे। भीमनगर इलाके में वह सिपाही विनोद के साथ रहता था। विनोद ने बताया- शुक्रवार को बालकृष्ण की नाइट ड्यूटी थी, इसलिए वह कमरे पर था। बालकृष्ण के परिजन दोपहर से कॉल कर रहे थे, लेकिन वह रिसीव नहीं कर रहा था। इसपर उन्होंने विनोद को फोन किया, रात करीब 8 बजे विनोद कमरे पर पहुंचा तो, दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो विनोद ने धक्का देकर खोला। अंदर रस्सी के सहारे बालकृष्ण का शव लटकता देख विनोद ने आलमबाग पुलिस को सूचना दी। आलमबाग थाने में ड्राइवर
बालकृष्ण आलमबाग थाने में ड्राइवर था। सुसाइड के बाद सूचना पर आलमबाग थाने की ही पुलिस पहुंची। पुलिस को उसके कमरे से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। फरवरी में शादी होनी थी इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र सरोज ने बताया- सिपाही बालकृष्ण आलमबाग थाने से पहले गोमती नगर थाने में तैनात था। आलमबाग थाने में 2023 से ड्यूटी कर रहा था। परिजनों का कहना है कि बालकृष्ण की शादी तय थी। फरवरी में बारात जानी थी। मिलनसार स्वभाव का था सिपाही
मृतक सिपाही के साथियों ने बताया कि वो बेहद मिलनसार स्वभाव का था। कभी किसी से तेज आवाज में बात नहीं करता था। आज उसकी नाइट ड्यूटी थी। रोज ही परिवारजनों से बात करता था। शादी को लेकर योजना बना रहा था। कैसे कहा क्या खरीदना है इसकी तैयारियां कर रहा था। खबर अपडेट की जा रही है…