लखनऊ में 15 हजार घरों की बत्ती गुल:प्रीपेड का बैलेंस खत्म हुआ, अंधेरे-गर्मी में गुजरानी पड़ी रात

स्मार्ट मीटर की भुगतान पद्धत्ति का खामियाजा शहर के 15 हजार उपभोक्ताओं को शुक्रवार की शाम को उठाना पड़ा। प्रीपेड मीटर की बिलिंग माइनस में चली गई। इस पर विभाग ने सभी के कनेक्शन काट दिए। अब उपभोक्ता पैसा जमा करने के बाद कनेक्शन जुड़वाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कनेक्शन नहीं जुड़ सके। जिसके कारण उन्हें रात अंधेरे में ही गुजारनी पड़ रही है।
बिजली कटने पर पता चला स्मार्ट मीटर के सिस्टम के अनुसार उपभोक्ता जितना पैसा जमा करेगा, उतनी की बिजली यूज कर सकता है। पैसा खत्म होने पर विभाग की ओर से रिमाइंडर के साथ मीटर को रीचार्ज कराने के लिए तीन दिन का समय दिया जाता है। इस अवधि में उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल करता है, उतना ही मीटर में बिलिंग माइनस होती जाती है। तीन दिन बाद रीचार्ज न कराने पर कनेक्शन कट जाता है। शुक्रवार को शहर के लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं के साथ ऐसा ही हुआ। शाम को जब बिजली कट गई तब उन्हें पता चला। उसके बाद मीटर रीचार्ज कर विभाग के दौड़ लगाने शुरू कर दिए, लेकिन तकनीकि कारणों से कनेक्शन जुड़ नहीं पाया।
इन इलाकों के उपभोक्ता हुए परेशान रीचार्ज न कराने से जिन इलाकों के उपभोक्ताओं की बिजली कटी है उसमें इंदिरा नगर, राजाजीपुरम, आशियाना, नादरगंज, चौक, ठाकुरगंज और चिनहट क्षेत्र शामिल है। अवधेश कुमार वर्मा, अध्यक्ष, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि लेसा की लापरवाही के कारण ही 15 हजार उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर का मामला नया है, ऐसे में उपभोक्ताओं को समझ में नहीं आया। रीचार्ज कराने के बाद लेसा को कटे कनेक्शन उतनी ही तेजी से जोड़ने चाहिए, जितनी तेजी से काटे गए हैं।