लखनऊ में शुक्रवार को विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड का 51वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय (एनआरएचक्यू) में मनाया गया। इस अवसर पर लखनऊ मेट्रो ट्रेन में एनटीपीसी ब्रांडिंग पहल का शुभारंभ भी किया गया। ये स्वच्छ और हरित ऊर्जा के प्रति कंपनी के दायित्व का प्रतीक है। समारोह की शुरुआत क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) गौतम देब द्वारा एनटीपीसी ध्वज फहराने और एनटीपीसी गीत के गायन से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कंपनी की 1975 में सिंगरौली परियोजना से शुरू हुई यात्रा को याद करते हुए बताया- आज एनटीपीसी 84,849 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी बन चुकी है। कंपनी का लक्ष्य 2032 तक 150 गीगावाट क्षमता प्राप्त करने का है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल होगी। शानदार मानक स्थापित किए गौतम ने बताया- वर्ष 2025 में एनटीपीसी समूह ने 252.83 बिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। जिसमें से उत्तरी क्षेत्र का योगदान 67.97 बिलियन यूनिट यानी 26.88 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा- एनआरएचक्यू ने सुरक्षा, दक्षता, पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्रों में शानदार मानक स्थापित किए हैं। सीएसआर तथा प्रशिक्षण गतिविधियों में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। बॉडी वार्मर और हाइजीन किट्स प्रदान की स्थापना दिवस पर लखनऊ मेट्रो में एनटीपीसी ब्रांडिंग का शुभारंभ वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और उत्तर क्लब सदस्यों की मौजूदगी में हुआ । इस अवसर पर उत्तर क्लब द्वारा निर्वाण पुनर्वास केंद्र, लखनऊ को वाशिंग मशीन, बॉडी वार्मर और हाइजीन किट्स प्रदान की गईं।