लखनऊ से ठगे जा रहे थे अमेरिकन, सीबीआई ने पकड़ा:भगोड़े विकास कुमार निमार को किया गिरफ्तार, छापे में मिले 14 लाख कैश, 52 लैपटाप

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ से संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए विकास कुमार निमार को गिरफ्तार किया है। विकास कुमार की तलाश काफी दिनों से सीबीआई को थी। सीबीआई ने छापा मारकर उसके लखनऊ स्थित आवास से 14 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और कई आपराधिक दस्तावेज बरामद किए हैं। तलाशी के दौरान सीबीआई ने लखनऊ में संचालित अवैध कॉल सेंटर का पता लगाया, जो अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था। इस कॉल सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया और वहां से 52 लैपटॉप बरामद किए गए, जिनमें अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत मौजूद हैं।
चार राज्यों में पहले भी हो चुकी है छापेमारी
सीबीआई ने 24 सितंबर 2024 को मामला दर्ज किया था। इसके बाद सितंबर 2024 में ही सीबीआई ने पुणे, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में छापेमारी कर चार अवैध कॉल सेंटरों को ध्वस्त किया था। इनमें से पुणे और विशाखापत्तनम स्थित कॉल सेंटर ‘वीसी इन्फॉर्मेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से चल रहे थे, जिनकी स्थापना और संचालन में विकास कुमार निमार की मुख्य भूमिका थी। केस दर्ज होने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए सीबीआई ने पुणे के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट से वारंट लिया था। सीबीआई को इनपुट मिला कि निमार लखनऊ में रह रहा है, सीबीआई की दिल्ली टीम ने 20 नवंबर को छापा मार कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को सीबीआई ने इसका खुलासा किया है।