यूपी के रहने वाले 2 आतंकियों को गुजरात ATS ने रविवार को गिरफ्तार किया। इन दोनों को गुजरात के बनासकांठा से गिरफ्तार किया गया। इन दोनों के साथ अहमदाबाद से भी एक आतंकी पकड़ा गया। पकड़ा गया आजाद सुलेमान शेख (20) शामली का जबकि मोहम्मद सहूल (23) लखीमपुर का रहने वाला है। बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पिता बेहोश हो गए। मां-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी सहूल को बेकसूर बता रहे हैं। वहीं, तीसरा आतंकी अहमद मोहियुद्दीन सैयद (35) हैदराबाद का रहने वाला है। सुलेमान और सहूल ने मोहियुद्दीन सैयद को हथियार सप्लाई किए थे। मोहियुद्दीन सैयद पेशे से डॉक्टर है। उसने चीन से एमबीबीएस की डिग्री ली है। वह आईएसआईएस के खुरकान आतंकी संगठन से जुड़ा था। बताया जा रहा है कि ATS पिछले कुछ दिनों से इन पर नजर रख रही थी। जांच में पता चला कि तीनों आईएसआईएस (ISIS) के लिए काम कर रहे थे। इनके पास से 3 पिस्तौल, 30 कारतूस और भारी मात्रा में केमिकल बरामद किया गया। इनकी साजिश देश के कई हिस्सों में हमले करने की थी। तीनों दो अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा बताए जा रहे हैं। फिलहाल, ATS जांच कर रही है कि ये किन जगहों पर हमले की साजिश रच रहे थे। आतंकी कैसे पकड़े गए, कौन से खुलासे किए… 3 पॉइंट में जानिए 1- DSP को इनपुट मिला, फिर चेकिंग में अहमद पकड़ाया
गुजरात ATS के DSP एसएल चौधरी को सूचना मिली थी कि अहमद मोहियुद्दीन सैयद अहमदाबाद में छिपा है। वह आतंकी हमले की तैयारी कर रहा है। जांच में सूचना सही पाई गई। इसके बाद SP के. धस्सधार्या के डायरेक्शन में एक टीम बनाई गई, जिसकी अगुवाई DSP एसएल चौधरी चौधरी कर रहे थे। टीम ने अहमदाबाद-महेसाणा रोड पर अडालज टोल प्लाजा के पास एक फोर्ड फिगो कार को रोका। कार में अहमद सवार था। जांच के दौरान कार से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और 4 लीटर कैस्टर ऑयल मिला। इसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 2- अहमद के मोबाइल से यूपी के आतंकियों तक पहुंची टीम
अहमद ने पूछताछ में बताया कि उसने चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। वह एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा था। उसने हथियारों का जखीरा कलोल के पास एक कब्रिस्तान जैसी जगह पर छिपाया था। अहमद के पाकिस्तानी नागरिकों से संबंध पाए गए हैं। वह “राइगिन” नाम का एक विस्फोटक यंत्र तैयार कर रहा था, जिसके लिए उसने केमिकल्स और उपकरण खरीदे थे। इसके बाद टीम ने उसके मोबाइल डेटा को रिकवर किया। उसमें मिले इनपुट के आधार पर ATS ने दूसरी टीम बनाई। डीएसपी केपी पटेल और वीके परमार के नेतृत्व में बनी टीम ने यूपी के आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सहूल को बनासकांठा से गिरफ्तार किया। 3- पाक बॉर्डर से हथियार मंगाए, कई संवेदनशील जगहों की रेकी की
यूपी के दोनों आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि वे हनुमानगढ़ (राजस्थान) से हथियार लाए थे। लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद की कई संवेदनशील जगहों की रेकी की थी। तीनों का संबंध अबू खदीजा से पाया गया, जो आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) से जुड़ा है। अबू खदीजा इन आतंकियों पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार भेजता था। तीनों आतंकियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एटीएस ने अहमद को कोर्ट में पेश कर 17 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के परिजनों ने क्या कहा, पढ़िए…. लखीमपुर: शनिवार को मिली गिरफ्तारी की खबर ‘दैनिक भास्कर’ टीम सिंगाही थाना क्षेत्र के सिंगाही झाला गांव पहुंची। आरोपी मोहम्मद सहूल इसी गांव का रहने वाला है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। सहूल का घर तीन कमरों का कच्चा मकान है। पिता सलीम (50) ट्रैक्टर मिस्त्री हैं। वहीं मां रुकसाना (48) गृहिणी हैं। इनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा सुम्मी खान (28) तमिलनाडु में मजदूरी करता है। दूसरा सहूल (जो गुजरात में एटीएस की गिरफ्त में है) और तीसरा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। जैसे ही सहूल के पकड़े जाने की खबर गांव पहुंची, लोग हैरान हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार से पूछताछ की। परिवार को गुजरात एटीएस की कार्रवाई की जानकारी शनिवार को फोन से मिली थी। खबर सुनते ही पिता सलीम बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन सदमे में है। घर में खाना तक नहीं बना। मां बोलीं- बेटे को झूठे केस में फंसाया
मां रुकसाना ने कहा, मेरे बेटे को झूठा फंसा दिया गया है। मेरा बेटा आतंकवादी नहीं है, उसे गलत फंसाया गया है। वह मुजफ्फर नगर में रबी पढ़ने गया था। जून में बकरीद पर वह घर आया था। 15 दिन रुकने के बाद फिर मुजफ्फरनगर में पढ़ने चला गया था। मुझे फोन से जानकारी मिली कि मेरे बेटे को गिरफ्तार किया गया है। मेरे बेटे का किसी से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होता था। कोई आपराधिक मुकदमा भी नहीं दर्ज है। बहन रीबा ने बताया, मेरे भाई मोहम्मद सहूल पढ़ते थे। उन पर आतंकवाद का गलत आरोप लगा है। वह हाफिजा करने गया था। तीन साल पहले मुजफ्फरनगर गया था सहूल
परिजनों के मुताबिक, सहूल ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के मदरसे में अरबी-उर्दू में ली थी। इसके बाद वह मझगई थाना क्षेत्र के सलीमाबाद गांव के मदरसे में दो साल तक पढ़ा। करीब 3 साल पहले वह मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में पढ़ने चला गया था। वहीं रह रहा था। आखिरी बार वह जून में बकरीद पर घर आया था और करीब 15 दिन रुका था। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया, स्थानीय पुलिस को पूरे प्रकरण की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। पता चला है कि वह पिछले 3 सालों से जनपद के बाहर पढ़ाई के लिए गया हुआ था। शामली: नवंबर की शाम पिता से हुई आखिरी बात
आरोपी आजाद सुलेमान के पिता सुलेमान ने बताया, मेरा बेटा पिछले पांच-छह साल से बुढ़ाना स्थित एक मदरसे में ‘कारियत’ की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दो-तीन महीने से झिंझाना में चिनाई का काम कर रहा था। 6 नवंबर को आजाद अपनी भतीजी को लेने बुढ़ाना गया था। 7 नवंबर की शाम को उसकी मुझसे आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। सुलेमान ने आजाद के किसी संदिग्ध संगठन या गतिविधि से जुड़े होने से इनकार किया। 4 महीने पहले भी पकड़े गए थे 4 आतंकी इससे पहले गुजरात एटीएस ने अगस्त महीने में चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दो को गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से अरेस्ट किया गया था। चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे, जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। चारों अल कायदा से जुड़े अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के लिए काम कर रहे थे। ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ संदिग्ध ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क कर रहे थे। सीमा पार के आतंकियों से संपर्क
एटीएस के मुताबिक आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है और ये भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। इन आतंकियों को कुछ खास और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। ये चारों आतंकी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क सीमा पार बैठे आतंकियों से भी था। गुजरात एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां अब इनके नेटवर्क, फंडिंग, ट्रेनिंग और विदेशी संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। इनसे पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें…. कश्मीर में पाकिस्तान का नेटवर्क, 120 जगह छापे, आतंकियों के रिश्तेदार फैला रहे प्रोपेगंडा कश्मीर घाटी में आतंक नेटवर्क को तोड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जम्मू-कश्मीर पुलिस, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की संयुक्त टीमों ने 120 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। पूरी खबर पढ़ें… HUT के 18वें आतंकी के खिलाफ चार्जशीट दायर, एनआईए कोर्ट में पांच अन्य आरोपियों पर अतिरिक्त आरोप लगाए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 में मध्य प्रदेश में सामने आए हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) से जुड़े आतंकी साजिश मामले में 18वें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। 5 अन्य आरोपियों पर अतिरिक्त आरोप लगाए हैं। एनआईए ने भोपाल स्थित एनआईए की विशेष अदालत में इस मामले में पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की। पूरी खबर पढ़ें…