KGMU यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक को निष्कासित करेगा। कुलपति सोनिया नित्यानंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट पर यह एक्शन लिया गया है। DGME भी मामले में कार्रवाई करेगा। KGMU के ब्राउन हॉल में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुलपति ने आरोपी डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में रमीज मलिक अब KGMU का हिस्सा नहीं रह सकता। यही कारण है कि अब यूनिवर्सिटी ने कठोरतम कार्रवाई की संस्तुति की है।
इसके लिए विशाखा कमेटी के रिपोर्ट के आधार DGME को आज लेटर लिखा जा रहा जा है। बहुत जल्द उसे निष्कासित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले 22 दिसंबर को ही उसे सस्पेंड कर दिया गया था और उसके बाद से ही कैंपस में उसकी एंट्री बैन है। विशाखा कमेटी के सामने एक बार पेश हुआ था डॉ. रमीज पत्रकार वार्ता के दौरान विशाखा कमेटी की प्रमुख और KGMU के एनेस्थीसिया विभाग की HOD डॉ. मोनिका कोहली ने कहा कि जांच कमेटी के सामने महज एक बार रमीज पेश हुआ था। उसने तब ये कहा था कि दोनों ने आपसी रजामंदी से संबंध बनाए थे। उसने पहले से शादीशुदा होने की बात को नकार दिया था। मोनिका कोहली ने कहा कि जांच में आरोपी को दोषी पाया गया। इसके बाद सभी सदस्यों की सहमति से फाइनल रिपोर्ट कुलपति को भेज दी गयी। अब आगे की कार्रवाई कुलपति के द्वारा की जाएगी। इस दौरान KGMU में धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. के.के. सिंह, चीफ प्रॉक्टर डॉ. आर.ए.एस. कुशवाहा भी मौजूद रहे। आरोपी डॉ. रमीज के खिलाफ मिले थे पुख्ता सबूत बुधवार को शाम करीब 4 बजे विशाखा कमेटी ने बैठक की थी। तमाम पहलुओं और साक्ष्यों पर गौर करने के साथ अंतिम बार फरार आरोपी डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया। उससे संपर्क नहीं हो सका। इस बीच पुलिस जांच सहित ICC को मिले सबूतों में इस मामले में उसकी संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिले। रात करीब 8 बजे विशाखा जांच कमेटी के सभी सदस्यों की मौजूदगी में जांच पूरी रिपोर्ट कुलपति को भेज दी थी। 7 सदस्यीय टीम कर रही जांच धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए एक सात सदस्यीय टीम अलग से जांच कर रही है। उसमें पूर्व पुलिस महानिदेश भावेश भी शामिल हैं। समिति ने बुधवार को करीब ढाई घंटे तक बैठक की थी। डीन एकेडमिक ऑफिस में हुई इस बैठक में जांच कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान कुछ रेजिडेंट्स डॉक्टर्स के बयान दर्ज हुए। इसके अलावा सामाजिक संगठनों से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हुए। अधिवक्ताओं का एक समूह भी जांच कमेटी के सामने पेश हुआ। जिसके द्वारा कैंपस में धर्मांतरण और लव जेहाद का सिंडिकेट सक्रिय होने की बात कही गई। साथ ही इसे मिशन के तौर पर वर्ग विशेष के फैकल्टी और स्टाफ द्वारा फैलाने का भी आरोप लगाया गया। हालांकि, इसको लेकर कमेटी के सामने कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया। जांच कमेटी के सदस्यों ने बहुत जल्द अगली मीटिंग करने की बात कही है। सभी विभागों में इकट्ठा किए जा रहे धर्मांतरण के इनपुट KGMU प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि 7 सदस्यीय कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। अब KGMU का कोई भी व्यक्ति परिसर के अंदर धर्मांतरण या इसके प्रयास से जुड़ा इनपुट बिना नाम बताए दे सकता है। इसके लिए एक ईमेल आईडी factfindingcommittee@gmcindia.edu पहले ही जारी कर दी गई थी। गुरुवार को प्रमुख विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। जांच समिति में शामिल डीन पैरामेडिकल डॉ. के.के सिंह की तरफ से जारी की गई इस नोटिस में ऐसे सभी मामलों को गोपनीय रखने का भरोसा देते हुए, चीफ प्रॉक्टर, डीन या फिर चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में प्रेषित करने का कहा गया है। इस जानकारी में शिकायतकर्ता को अपना नाम देने की जरूरत नहीं होगी। कथित मददगारों के नाम नहीं आए सामने अब तक की जांच में डॉ. रमीज को कथित रूप से बचाने वाले मददगारों की जानकारी सामने नहीं आ सकी है। जांच के दौरान दो प्रोफेसरों की भूमिका संदेह के घेरे में बताई जा रही थी, उस पर भी केजीएमयू प्रशासन की तरफ से अभी कुछ कहा नहीं गया है। न ही उन्हें क्लीन चिट दी गई। प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने कहा है कि इस मामले में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पढ़िए क्या है पूरा मामला… पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है। मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया। 24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी डॉ. रमीज फरार है। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है।