लावारिस बच्चों में सूखे नशे की लत:सार्वजनिक स्थलों पर पन्नी में केमिकल सूंघ रहे युवा, समाजसेवी ने उठाई पुनर्वास की मांग

मुजफ्फरनगर में शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लावारिस बच्चों को नशे की लत लग चुकी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और चौराहों पर बच्चों से लेकर 20 साल तक युवा सुबह से देर रात तक नशे में धुत देखे जा रहे हैं। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। अक्सर हाथों में पन्नी लेकर किसी केमिकल को सूंघते हुए घूमते नजर आते हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये बच्चे किस प्रकार के नशे का सेवन कर रहे हैं, लेकिन समाजसेवियों के अनुसार वे सुलोचन सहित कई तरह के केमिकल और पन्नी-कागज में भरे जहरीले पदार्थों को सूंघकर नशा करते हैं। नशे की हालत में ये बच्चे राहगीरों के साथ मारपीट, जेब काटने और पथराव जैसी घटनाओं में भी शामिल हो जाते हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है। समाजसेवी गुरु गौहर वाल्मीकि ने दैनिक भास्कर को बताया- वे पिछले कई महीनों से इन बच्चों की दयनीय स्थिति देख रहे हैं। उनके अनुसार, केवल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ही लगभग 100 से अधिक बच्चे नशे के शिकार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई लड़कियों को भी इसी अवस्था में देखा गया है। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। बच्चे आसपास की दुकानों से आसानी से सुलोचन जैसे केमिकल खरीद लेते हैं, जिस पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है। गौहर वाल्मीकि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि न केवल इन बच्चों के नशे के स्रोत की जांच की जाए, बल्कि उनके पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है।