लेखपाल सुधीर की 29 घंटे बाद उठी लाश:लेखपाल संघ के धरने का बाद कानूनगो पर FIR, शादी के 1 दिन पहले की थी आत्महत्या

फतेहपुर में काम के दबाव और छुट्टी न मिलने से परेशान एक लेखपाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक लेखपाल सुधीर कुमार की बुधवार को शादी होनी थी। इस घटना के बाद लेखपाल संघ ने दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 29 घंटे बाद कानूनगो पर FIR दर्ज की गई। बहन की तहरीर पर कानूनगो पर मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पहले देखें, 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुहा स्थित बाग बादशाही की है। सुधीर कुमार लेखपाल के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में एसआईआर (SIR) के फॉर्म भरवाने के कार्य के लिए जहानाबाद विधानसभा के सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। 25 नवंबर की सुबह लगभग 6:30 बजे एक व्यक्ति उनके घर आया, जिसने अपना नाम शिवराम (कानूनगो) बताया और कहा कि “उच्च अधिकारियों ने भेजा है”। तहरीर के मुताबिक, शिवराम ने घर के सामने खड़े होकर तेज आवाज में धमकी दी, कहा- “चुनाव का काम करो, नहीं तो नई नौकरी से भी सस्पेंड और बर्खास्त कर दिए जाओगे।” साथ ही उसने यह भी कहा कि “एक प्राइवेट व्यक्ति को पैसे देकर काम करा लो।” इस धमकी और निरंतर मानसिक दबाव की वजह से सुधीर कुमार गहरे तनाव में आ गए। उसी शाम करीब 6 बजे अपने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। 29 घंटे बाद प्रशासन ने मांगें मानी लेखपाल सुधीर की आत्महत्या के बाद लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश, महामंत्री रवेंद्र कुमार और तहसील अध्यक्ष कुलदीप पटेल के नेतृत्व में लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने एआरओ और कानूनगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मृतक की बहन की ओर से इस संबंध में एडीएम अवनीश त्रिवेदी को तहरीर भी दी गई। घटना के 29 घंटे बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन से लेखपाल संघ की वार्ता सफल रही। अमृता सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में मांग की है कि संबंधित उच्च अधिकारियों के खिलाफ SC/ST एक्ट, आत्महत्या के लिए उकसाने, तथा राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बहन की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा बहन के तहरीर पर कोतवाली बिंदकी में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं मृतक सुधीर की बहन अमृता सिंह ने आरोप लगाया कि भाई मौत के मामले में हमने एआरओ और कानूनगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग किया था लेकिन जिला प्रशासन ने सिर्फ कानूनगों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया है। मुआवजा के नाम पर 8 लाख रुपए देने की बात कही है। मृतक लेखपाल सुधीर को डेढ़ वर्ष पहले ही नियुक्त किया गया था। उनकी शादी बुधवार को कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के सीतापुर गांव निवासी काजल पुत्री रघुनंदन के साथ तय हुई थी। बताया जाता है कि एसआईआर के तहत लेखपालों पर काम का बहुत दबाव था। ……………….. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में शादी से एक दिन पहले लेखपाल का सुसाइड:रोते हुए बहन बोली- छुट्‌टी ली तो कानूनगो ने घर आकर सस्पेंड कर दिया यूपी के फतेहपुर में शादी से एक दिन पहले लेखपाल ने सुसाइड कर लिया। 26 नवंबर को बारात जानी थी। 24 नवंबर को ही घर में शादी की रस्में हल्दी-मेहंदी शुरू हो चुकी थीं। इसके चलते लेखपाल सुधीर कुमार कोरी सोमवार को ड्यूटी पर नहीं गए थे। परिवार के मुताबिक, मंगलवार सुबह कानूनगो घर आए और लेखपाल को डांटने लगे। इसके बाद सुधीर कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बहन ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिवार वालों ने दरवाजा तोड़ा तो मौत हो चुकी थी। पढ़ें पूरी खबर…