वाराणसी की एकता-यात्रा में गूंजा सरदार बल्लभभाई का स्वर्णिम इतिहास:पूर्व मंत्री बोले- रियासतें जोड़कर पटेल ने एकता और 1000 साल का ब्लूप्रिंट दिया

वाराणसी के शहर दक्षिणी इलाके में बुधवार को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के 150 वीं जयंती पर विशाल एकता यात्रा का आयोजन किया गया। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के सनातन धर्म इंटर कॉलेज नई सड़क से यात्रा का भव्य आगाज हुआ। यात्रा चौक, नीचीबाग और मैदागिन समेत कई रास्तों से होकर डीएवी डिग्री कॉलेज पहुंची। पूर्व मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ यात्रा का आगाज किया। एक ओर युवा कार्यकर्ता और नौजवानों की टोली तिरंगा लेकर चल रही थी दूसरी ओर महिलाओं का हुजूम तिरंगा के साथ भाजपा का झंडा भी थामे था। यात्रा में हर हर महादेव और सरदार बल्लभ भाई पटेल अमर रहे के नारे गूंजते रहे। बुधवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में विधायक डा. नीलकंठ तिवारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में “एकता यात्रा” का आयोजन किया। भाजपा कार्यकर्ता समेत विभिन्न विद्यालयों के छात्र, छात्राएं, भाजपा कार्यकर्ता आदि अपने हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। महेंद्र नाथ पांडे ने एकता यात्रा को डीएवी कालेज में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रमों को नया स्वरूप देने के साथ ही जन सहभागिता बढ़ाने तथा जनमानस को सरदार पटेल के जीवन चरित्र से अवगत कराने के लिए तैयार किया गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का सपना देखा था और उस संकल्प को आज की सरकार का संकल्प बनाकर काम कर रही है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आधुनिक भारत के निर्माण में जो भूमिका निभाई वह प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा है। उनके प्रयास से ही भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड हुआ। अन्यथा छोटे-छोटे राज्य स्वतंत्र होकर देश की सुरक्षा को प्रभावित कर रहे होते। उन्होंने रियासतों को जोड़कर एकता की प्रेरणा दी तो अगले 1000 साल का ब्लूप्रिंट यानि मूलमंत्र देकर गए। ऐसी यात्राएं समाज को जोड़ने और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करती हैं । सरकार पटेल ने हर घर को रोशन करने का सपना देखा: डा. नीलकंठ पूर्व मंत्री और शहर दक्षिणी विधायक डा. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व ऐसा महान व्यक्तित्व था कि उन्होंने अपने घर के अंधेरे को छोड़कर आम गरीब आदमी के घरों को रौशन करने का बीड़ा उठाया। सरदार पटेल को भारत का गृहमंत्री बनाया गया और अपने इस पद की जिम्मेदारी को निभाते हुए सरदार पटेल ने रियासतों में बंटे हुए भारत को एकीकृत किया और भारत को अखंड भारत बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष में विकास के साथ साथ विरासत को संजोने का काम हुआ है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों और जरुरतमंदों को मिल रहा है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के बाहर निकाला गया है। काशी विश्वनाथ कारिडोर, अयोध्या में भगवान रामलला का भव्य श्रीराम मंदिर, उज्जैन में श्री महाकाल लोक, मिर्जापुर में विध्यं कारिडोर को भव्य बनाने का कार्य इन 11 वर्षों में हुआ है। कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को वास्तविक सम्मान दिया और स्टैचू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराकर देश और दुनिया को पटेल जी की महानता से अवगत कराया। सरदार पटेल के कार्यों को बताया कि आज़ादी के समय पूर्व की शासकों ने भारत को कई हिस्से में बाँटने का प्रयास किया था, जिसे सरदार पटेल ने कामयाब नहीं होने दिया। सरदार पटेल आज़ादी के समय के अखंड भारत के शिल्पकार थे। मुख्य रूप से महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, डीएवी कालेज के प्रबंधक डा अजीत सिंह, उपाध्यक्ष अशोक जाटव, आत्मा विशेश्वर, मंत्री नीरज जायसवाल, दिलीप साहनी , साधना वेदांती, अशोक यादव, मंडल अध्यक्ष राजीव सिंह, तारकेश्वर गुप्ता, बबलू सेठ,डा.पवन शुक्ला समेत तमाम कार्यकर्तागण उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन महानगर उपाध्यक्ष डा.आलोक श्रीवास्तव ने किया । यात्रा का जगह-जगह हुआ स्वागत सनातन धर्म इंटर कॉलेज से एकता पदयात्रा गिरजाघर होते हुए गोदौलिया पहुंची। जहां विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के पदाधिकारियों ने गुलाब की पंखुड़ी बरसाकर स्वागत किया। इसके बाद चौक व्यापार मंडल, रेशम कटरा साड़ी व्यापार मंडल, सराफा व्यापार मंडल, सप्तसागर दवा व्यापार मंडल, मैदागिन व्यापार मंडल, दारानगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। नीचीबाग, बुलानाला, चौक, मैदागिन आदि क्षेत्रों के दुकानदारों ने पदयात्रा में चल रहे लोगों को पानी पिलाते हुए बिस्कुट खिलाया व फूल बरसाए। डीएवी डिग्री कालेज पहुँचने पर डीएवी डिग्री कालेज के प्रबंध समिति के सदस्यों ने यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वहीं जगह जगह एकता यात्रा का स्वागत किया गया। तस्वीरों में देखे दक्षिणी विस क्षेत्र की एकता यात्रा