वाराणसी विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित करने के 22 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित करने में तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ दे दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर राय व अक्षय कुमार ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी सुनील कुमार सोनकर ने कोर्ट में 156 (3) के तहत परिवाद प्रस्तुत किया था, जिसके बाद 22 मार्च 2004 को लंका थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। वादी सुनील कुमार सोनकर की सुनील मेडिकल नाम की दुकान सोनकर कटरा, लंका में स्थित है। उनके बगल में ही बावनदास केसरी की दुकान है। आरोप के अनुसार, अभियुक्तों ने एक राय होकर गाली-गलौज की और शांति भंग करने का प्रयास किया। जब वादी ने बीच-बचाव कर शांतिपूर्ण ढंग से मामला सुलझाने की बात कही, तो अभियुक्तों ने उनके साथ मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित किया।