वाराणसी में SDM और किसानों के बीच तीखी बहस, VIDEO:किसान बोले- जहर देकर जमीन ले लीजिए, वर्ल्ड सिटी एक्सपो प्रोजेक्ट का मामला

वाराणसी के पिंडरा तहसील में SDM और किसानों के बीच तीखी बहस हुई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में एक किसान कह रहा है- अगर सरकार जबरदस्ती हमारी जमीन लेना चाहती है तो मैं लिखकर दे रहा हूं। जमीन ले लीजिए, लेकिन मुझे और मेरे परिवार को जहर दे दीजिए। न हम रहेंगे, न जमीन का झंझट रहेगा। इस बयान के बाद बैठक में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बैठक में तहसील अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों के कई किसान मौजूद थे, जिन्होंने अपनी आपत्तियां और आशंकाएं प्रशासन के सामने रखीं। यह मामला वर्ल्ड सिटी एक्सपो टाउनशिप परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण पर बातचीत के दौरान हुई। पहले देखिए 2 तस्वीरें… विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… 12 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण होगा
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद हरहुआ क्षेत्र में रिंग रोड फेज‑1 के किनारे ‘वर्ल्ड सिटी एक्सपो’ नामक टाउनशिप परियोजना विकसित कर रही है। इस परियोजना के तहत हरहुआ ब्लॉक के 10 गांवों की लगभग 377 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इस योजना का ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत लेखपाल गांवों में सीमांकन का कार्य कर रहे हैं। विरोध के क्रम में रविवार को ग्रामीणों ने किसान महापंचायत बुलाने की घोषणा की थी। हालांकि, रात में ही पुलिस‑प्रशासन ने किसानों की अगुआई कर रहे नेताओं को पंचायत न करने के निर्देश दिए। साथ ही यह आश्वासन दिया गया कि दोपहर में एसडीएम पिंडरा सहित अन्य अधिकारी गांव पहुंचकर किसानों से चर्चा करेंगे और समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। रविवार दोपहर रामसिंहपुर गांव में किसान लल्लू सिंह के घर बैठक आयोजित की गई। दोपहर करीब 2:30 बजे एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा गांव पहुंचीं। बैठक के दौरान किसान और उनके प्रतिनिधि बारी‑बारी से अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच कुछ मुद्दों को लेकर किसानों और एसडीएम के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान अफरा-तफरी का माहौल हो गया। किसान सुनील कुमार पाण्डेय बोले- 4 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही
किसान सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा- इस योजना के तहत वर्ल्ड सिटी एक्सपो परियोजना के लिए 14 गांवों की जमीन अधिगृहीत की जा रही है। पूरा घर‑बार उजाड़ा जा रहा है, 1 इंच जमीन भी नहीं बच रही। यदि उनसे कहा जाए कि घर और परिवार के लिए 10 बिस्वा जमीन दे दो, तो वह भी देने को तैयार नहीं हैं। पूरी संपत्ति का अधिग्रहण किया जा रहा है। एक व्यक्ति को उजाड़कर दूसरे को बसाने का अधिकार किसके तहत लिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर हमारी एसडीएम के साथ बातचीत हुई है। —————- ये भी पढ़ें- प्रयागराज माघ मेला- पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका:साधु को पीटा, पालकी खींच ले गए; शंकराचार्य स्नान नहीं कर पाए प्रयागराज माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान के लिए आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने एक साधु को चौकी में पीटा। पढ़िए पूरी खबर…