कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में एक विधवा महिला ने अपनी जमीन पर अवैध मदरसा संचालित किए जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जाजमऊ के हिंदुस्तान कंपाउंड निवासी सीमा परवीन ने बताया कि वह मूलरूप से फतेहपुर की रहने वाली हैं। उनका निकाह वर्ष 1999 में मौलाना अहमद हसन से हुआ था। शादी के 21 साल बाद 2020 में कोरोना काल के दौरान उनके पति का निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद, सीमा परवीन ने आरोप लगाया कि उनके पति की तलाकशुदा पत्नी अरफा खातून के बेटे अब्दुल हसन, उसकी पत्नी स्वालेहा और उनके परिवार ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने तीन महीने पहले जाजमऊ थाने में शिकायत की थी। उस समय, कुछ धार्मिक लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया था और उन्हें दो महीने में उनका हक दिलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका हक नहीं मिला। इसके बाद, सीमा परवीन ने न्याय के लिए पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई, जिनके आदेश पर जाजमऊ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीमा परवीन के अनुसार, 2020 में पति की मौत के बाद जब वह 4 माह 10 दिन की इद्दत पूरी कर घर लौटीं, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और घर से भगा दिया। उन्हें यह भी कहा गया कि शिकायत करने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों को कुछ बदमाशों का संरक्षण प्राप्त है। जाजमऊ थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।