विश्वनाथ मंदिर के 34वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को श्रीरामलीला पार्क सेक्टर – ‘ए’, सीतापुर रोड योजना कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथाव्यास आचार्य पं. गोविंद मिश्रा ने भागवत माहात्म्य की पावन कथा सुनाई, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गए। कथा की शुरुआत मंगलाचरण और गौरी-गणेश वंदना के साथ हुई। आचार्य पं. गोविंद मिश्रा ने श्रीमद्भागवत के महत्व और इसके श्रवण से जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से बताया।उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, धर्म, करुणा और भक्ति के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य ज्ञानगंगा है। भागवत कथा मनुष्य के अंत:करण को पवित्र करता है.. कथाव्यास ने भक्ति, वैराग्य और ज्ञान की आपसी संगति को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि भागवत का श्रवण मनुष्य के अंत:करण को पवित्र करता है और उसके जीवन में सद्भाव, शांति तथा दिव्यता का संचार करता है। कथा के दौरान भक्त ‘हरे राम हरे कृष्ण’ के संकीर्तन में लीन रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर पूर्व पार्षद बृज किशोर पाण्डेय, कमलेश दुबे, उषा मिश्रा, उमा शुक्ला, सावित्री सिंह, मिथिलेश सिंह, कौशल किशोर पाण्डेय, जय प्रकाश, मंजू, हरिकेश, रानी पाण्डेय, नीरज शुक्ला और अंकित पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।