मथुरा के वृंदावन स्थित केशवधाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महत्वपूर्ण बैठक का दूसरा दिन व्यापक विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ। संघ प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के कार्यों को ग्रामीण स्तर तक सशक्त बनाने पर गहन चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में गांवों में शाखाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को शाखाओं से जोड़ने के लिए नई रणनीतियों पर मंथन हुआ। संघ का मानना है कि गांव सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत इकाइयां हैं, जहां संगठन की जड़ें और गहरी की जा सकती हैं। बैठक में विभाग प्रचारक, जिला प्रचारक और क्षेत्रीय प्रचारकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि संघ कार्य को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विस्तारकों को सक्रिय रूप से भेजा जाएगा। ये विस्तारक स्थानीय स्तर पर संपर्क, संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देंगे। इसके अतिरिक्त, बैठक में मुस्लिम बहुल इलाकों से हिंदुओं के कथित पलायन को रोकने जैसे संवेदनशील विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे पर सामाजिक समरसता, संवाद और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने पर चर्चा हुई। यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें आगामी कार्ययोजना, ग्रामीण भारत में संघ की पकड़ मजबूत करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने जैसे मुद्दों पर दिशा-निर्देश तय किए जा रहे हैं। बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं, और अगले सत्रों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।