शाहजहांपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से 12वीं के छात्र की मेडिकल कालेज में मौत हो गई। परिजन डाक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भड़क उठे। कहने लगे कि डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। सीधे मॉर्चरी में बॉडी को रखवा दी। गुस्साए परिजनों ने ट्रामा सेंटर में जमकर तोड़फोड़ की और टेबल फेंक दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छात्र के पिता और चचेरे भाई को पीट दिया। पिता को टांगकर चौकी ले गए और लॉकअप में बंद कर दिया। परिजनों ने जब वहां हंगामा किया तो उसे छोड़ा। तनाव को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के बाहर फोर्स तैनात की गई है। पुलिस ने कहा- रील बनाते समय छात्र ट्रेन की चपेट में आया था। हालांकि परिजनों ने पुलिस के इस दावे को खारिज किया है। पहले देखिए 3 फोटो… अब जानिए पूरा मामला… थाना निगोही क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी अंकित सिंह (16 साल) 12वीं कक्षा का छात्र था। वह शहर के एसपी कॉलेज में पढ़ता था। रविवार को इंदिरानगर कॉलोनी के पास अंकित वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना आरपीएफ ने सदर बाजार पुलिस को दी। पुलिस ने घायल छात्र को पटरी से उठाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और अज्ञात में बॉडी मोर्चरी में रखवा दी। इलाज न कर सीधे मॉर्चरी में रखी बॉडी
कुछ देर बाद जब परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित की सांसें चल रही थीं, इसके बावजूद उसका इलाज नहीं किया गया और सीधे मोर्चरी में रख दिया गया। इसके बाद परिजन उसे दोबारा इलाज के लिए मोर्चरी से ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय अभद्रता की। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पहले बताया था कि अंकित पटरी पर रील बनाते समय ट्रेन की चपेट में आया, जबकि यह बात सही नहीं है। परिजनों के मुताबिक अंकित रील नहीं बना रहा था। हंगामा बढ़ने पर चौक कोतवाली और थाना सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पिता और भाई के साथ की मारपीट
आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने मृतक के पिता विमलेश सिंह और चचेरे भाई विनीत के साथ मारपीट की। सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मियों को दोनों को घसीटते हुए पुलिस चौकी के अंदर ले जाते और मारपीट करते देखा जा सकता है। परिजनों का आरोप है कि दोनों को चौकी के अंदर लटकाकर बंद कर दिया गया और छोड़ने के बदले दो लाख रुपए की मांग की गई। भाई को डॉक्टरों ने नहीं देखा मृतक के चचेरे भाई का कहना है कि वे ट्रॉमा सेंटर में हुई तोड़फोड़ की जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं, लेकिन वे यह जानना चाहते हैं कि जब अंकित को घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज लाया गया था, उस समय डॉक्टरों ने उसे देखा था या नहीं। इसके लिए वे सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने बताया, अंकित के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उसकी मां सोनी देवी और छोटी बहन सिद्धी हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अंकित के 18 तारीख से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी थीं। वह पढ़ाई से संबंधित सामान खरीदने के लिए शाहजहांपुर आया था। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा राजेश कुमार ने बताया- छात्र मृत अवस्था में लाया गया था। उसकी ईसीजी और अन्य जांच कर मॉर्चरी में रखवा दिया था। करीब तीन घंटे बाद परिजन आए और फिर से मॉर्चरी के पास से स्ट्रेचर खींचकर ट्रामा सेंटर में ले आए। डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर सबके साथ मारपीट करने लगे। गेट के शीशे और टेबल फेंक दिया। तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ तहरीर दी जा रही है। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया- छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों और मेडिकल कालेज प्रशासन की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। —————————— ये खबर भी पढ़ेंः- मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं:महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे, गुड्डू की पीठ थपथपानी चाहिए
महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं। पूरी खबर पढ़िए…