शिव बारात प्रचार वाहन रोकने पर पुलिस से विवाद:घाटमपुर में ट्रैफिक पुलिस पर उगाही का आरोप, डीसीपी के हस्तक्षेप के बाद वाहन छोड़ा

घाटमपुर नगर के मुख्य चौराहे पर गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब शिव बारात का प्रचार कर रहे एक डीजे वाहन को ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। पुलिसकर्मियों पर ₹2000 की मांग करने का आरोप लगाते हुए आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। काफी देर तक चौराहे पर अफरा-तफरी और नोकझोंक का माहौल बना रहा। बताया गया कि आगामी 15 फरवरी को निकलने वाली ऐतिहासिक शिव बारात के प्रचार-प्रसार के लिए डीजे वाहन नगर में भ्रमण कर रहा था। इसी दौरान मुख्य चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोक लिया। आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है, कि वाहन छोड़ने के एवज में पुलिसकर्मियों ने ₹2000 की मांग की और दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और शिव बारात आयोजन समिति के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। कार्यकर्ताओं ने चौराहे को “उगाही का अड्डा” बताते हुए पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और यातायात भी प्रभावित रहा। डीसीपी साउथ को फोन पर दी गई शिकायत मामला बढ़ता देख आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को बिना किसी जुर्माने या कार्रवाई के छोड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था, कि घाटमपुर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस आए दिन वाहन चालकों को परेशान करती है और अवैध वसूली की शिकायतें मिलती रहती हैं। धार्मिक आयोजन के प्रचार वाहन के साथ इस तरह के व्यवहार से लोगों में आक्रोश है। पहले ही हो चुका है रूट निरीक्षण गौरतलब है, कि 15 फरवरी को प्रस्तावित शिव बारात को लेकर प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर है। हाल ही में डीसीपी साउथ समेत अन्य अधिकारियों ने बारात के रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। ऐसे में इस कथित घटना ने पुलिस-आयोजन समिति के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।