शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.17 करोड़ की ठगी:व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर कराया निवेश, 6 महीने तक झांसे में रखा

लखनऊ में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का करोड़ों की ठगी कर ली। पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया गया और शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। बाद में सिक्योरिटी फीस और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। इसके बाद और पैसों की डिमांड की गई तब ठगी का पता चला। ओम पुरी कॉलोनी, सेक्टर-4, वृंदावन योजना, आवास विकास निवासी विकास मिश्रा पुत्र रूद्र नारायण मिश्रा ने बताया 10 अगस्त 2025 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक के जरिए उन्हें G922-Indian Stock VIP Group नाम के ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की एडवाइजर खुद को सिया वर्मा बताती थी। इसके बाद उन्हें “G13-DMA Customer Service” नाम के दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। यहां एक लिंक के माध्यम से “MOPIP” नाम का एप डाउनलोड कराया गया। ग्रुप में मौजूद एक ईमेल आईडी के जरिए भी संपर्क कराया गया। शुरुआत में दिखाया मुनाफा फिर मांगी सिक्योरिटी रकम
पीड़ित का आरोप है कि ग्रुप के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू कराई गई। शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद सिक्योरिटी, टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग समय पर रकम जमा करने को कहा गया। पुलिस कर रही मामले की जांच 16 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच जालसाजों ने विभिन्न बैंक खातों में कई किश्तों में रुपये ट्रांसफर कराए। जब पीड़ित ने अपना पूरा पैसा निकालने की कोशिश की तो और रकम जमा करने की मांग की गई। शक होने पर उन्होंने रुपए देना बंद कर दिया। इस दौरान उनसे 1 करोड़ 17 लाख 33 हजार रुपए की ठगी की गई है। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की गई है। इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव का कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुप, एप लिंक और बैंक खातों के आधार पर जांच की जा रही है।