इटावा सफारी पार्क में शेरनी नीरजा ने चार शावकों को जन्म दिया है। शेरनी और शावक स्वस्थ हैं। सीसीटीवी से उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। केज के आसपास 7 दिन तक पब्लिक या सामान्य कर्मचारी के जाने की अनुमति नहीं है। शावक नर हैं या मादा, यह एक सप्ताह के बाद पता चलेगा। पार्क प्रबंधन ने शावकों के जन्म के बाद का वीडियो जारी किया है। इसमें शेरनी नीरजा अपने शावकों को दुलार रही है। शावक उसके पेट पर चढ़कर घूम रहे हैं। यह तीसरी बार है, जब नीरजा ने शावकों को जन्म दिया है। पहले से यहां पर 19 शेर रह रहे हैं। इटावा लॉयन सफारी में गुजरात के गिर से एशियाटिक शेरों को बसाया गया है। सबसे पहले शावकों की तस्वीरें देखिए… डेढ़ घंटे में चार शावक जन्में इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि 8 मार्च की रात शेरनी नीरजा ने चार शावकों को जन्म दिया। पहला शावक रात 8 बजकर 25 मिनट पर पैदा हुआ। दूसरा शावक 9 बजकर 7 मिनट पर, तीसरा 9 बजकर 43 मिनट पर और चौथा शावक 9 बजकर 59 मिनट पर जन्मा। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद से ही चारों शावकों की स्थिति सामान्य है। शेरनी भी अपने बच्चों की अच्छी तरह देखभाल कर रही है। ब्रीडिंग सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से शावकों और शेरनी पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर निगरानी बनी रहे। गर्भावस्था के दौरान की गई विशेष देखभाल सफारी प्रशासन के अनुसार शेर कान्हा और शेरनी नीरजा के बीच 18 नवंबर से 21 नवंबर 2025 के बीच मेटिंग हुई थी। इसके बाद आईवीआरआई बरेली में जांच के दौरान नीरजा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। गर्भ की पुष्टि होने के बाद शेरनी को सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में रखा गया, जहां डॉक्टरों और कीपरों की टीम उसकी विशेष देखभाल कर रही थी। प्रसव का समय होली के आसपास होने की संभावना को देखते हुए सफारी प्रशासन लगातार सतर्क रहा और सभी वन्यजीवों की निगरानी बढ़ा दी गई थी। तीसरी बार मां बनी नीरजा, 5 शावक जिंदा सफारी प्रशासन के अनुसार नीरजा तीसरी बार मां बनी है। इससे पहले वह दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। उसके पहले के पांच शावक सफारी में स्वस्थ रूप से पल रहे हैं, जबकि दो की मौत हो चुकी है। अब चार नए शावकों के जन्म से इटावा सफारी पार्क में उसके कुल नौ शावक हो गए हैं। सफारी में 19 शेरों का कुनबा, 1 साल में 5 शावक मरे
इटावा सफारी पार्क में चार शावकों के जन्म से पहले यहां 19 शेरों का कुनबा था। जिनमें 5 शेर, 6 शेरनी और 8 शावक हैं। बीते 1 साल में सफारी में 5 शावकों की जन्म के बाद मौत हो चुकी है। शेरनी रूपा ने 21 अप्रैल, 2025 को 4 शावकों को जन्म दिया था, उनमें से अब तक 3 खत्म हो चुके हैं। शेरनी नीरजा ने 31 मई 2024 को 4 शावकों को जन्म दिया था, इनमें से अब सिर्फ 2 जिंदा बचे हैं। जिन शावकों की मौत के मामले सामने आए हैं, उनमें से ज्यादातर की स्टिल बर्थ डेथ (जन्म के वक्त मृत पैदा होना) हुई है। शेरनी रूपा ने 21 अप्रैल, 2025 को चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन 1 शावक की जन्म के बाद ही मौत हो गई। दूसरे की मौत 2 दिन बाद 23 अप्रैल को हुई, जब शेरनी दूध पिलाते वक्त अनजाने में अपने शावक पर ही बैठ गई। रूपा के तीसरे बच्चे की मौत जन्म के 85 दिन बाद 16 जुलाई को हुई। शावक काफी कम खाना खा रहा था। 4 जुलाई को उसका नर्वस सिस्टम गड़बड़ हुआ और बीमारी के कारण उसने दम तोड़ दिया। वहीं शेरनी नीरजा ने 31 मई 2024 को चार शावकों को जन्म दिया था, जिसमें से दो मृत पैदा हुए। दो शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और एक साल के हो चुके हैं। 2014 से 2025 तक सफारी में 34 शेर और शावकों की मौत
सफारी में लॉयन ब्रीडिंग सेंटर की शुरुआत के बाद 2014 से 2022 तक शेर-शेरनी और उनके बच्चों को मिलाकर कुल 15 मौतें हुईं। 2023 में सबसे ज्यादा 10 मौतें और 2024 में 6 शावकों की मौत हुई। इस साल जुलाई तक शेरनी रूपा के 3 शावकों की मौत हो चुकी है। इसमें करीब 90% शावक मृत पैदा हुए। बीते 11 साल में सफारी में कुल 34 शेर-शेरनी और शावकों की मौतें हुईं।
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