लखनऊ के निराला नगर स्थित श्रीरामकृष्ण मठ में श्री माँ सारदा देवी की 173वीं जन्मतिथि का चार दिवसीय उत्सव आरंभ हो गया है। यह समारोह मठ अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत आरती और सुप्रभातम् के साथ हुई। इसके बाद पुराने मंदिर व ऑनलाइन माध्यम से जप यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक स्तोत्रों एवं मन्त्रोच्चार से परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना। ‘सबकी माँ—श्री माँ सारदा’ विषय पर ऑनलाइन विशेष सत्संग भी आयोजित किया गया। ‘माँ की बातें’ विषय पर प्रवचन विशेष पूजा स्वामी इष्टकृपानन्द द्वारा सम्पन्न हुई, जबकि स्वामी रमाधीशानन्द ने चण्डीपाठ किया। लखनऊ के राहुल अवस्थी ने भक्तिगीत प्रस्तुत किए, जिसमें सुमित मल्लिक ने तबला संगत की। इसके उपरांत ‘माँ की बातें’ विषय पर स्वामी विश्वदेवानन्द का प्रवचन दिया। सारदा संघ द्वारा नाम संकीर्तन और भक्तिगान भी प्रस्तुत किए गए। महिलाओं ने भक्तिगीत की प्रस्तुति दी दिन के कार्यक्रमों में हवन, पुष्पांजलि और भोगारती की विधियाँ सम्पन्न हुईं। कानपुर के अशोक मुखर्जी और लखनऊ के शुभम राज ने तबला संगत के साथ सायंकाल के भक्तिगीत सत्रों में प्रस्तुति दी।संध्या आरती के बाद मुख्य जनसभा में ‘संघ जननी श्री माँ सारदा देवी’ विषय पर रामकृष्ण मिशन, वाराणसी के स्वामी ईशानन्द ने प्रवचन दिया।कार्यक्रमों के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने कहा कि माँ सारदा का जीवन करुणा, सहनशीलता और मातृत्व का शाश्वत प्रतीक है, जो समाज को आज भी प्रेरणा देता है।