संभल की विकास परियोजनाओं के लिए 1,059 करोड़ मंजूर:सीएम ने की समीक्षा, कल्कि तीर्थ विकास परिषद, प्राधिकरण और प्रतिमाओं के लिए बजट पास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर संभल की विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान 15 बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए 1,059 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में आवास, स्वास्थ्य, न्याय, सुरक्षा, तीर्थ विकास, सड़क निर्माण और पर्यटन से संबंधित योजनाओं को गति देने पर जोर दिया गया। संभल को अंतरराष्ट्रीय तीर्थ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए “संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद” के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, संभल, चंदौसी और बहजोई में विकास प्राधिकरणों की स्थापना और तीनों नगर पालिकाओं के सीमा विस्तार की प्रक्रिया पंचायत चुनाव से पहले पूरी करने के आदेश दिए गए। सभी थानों को आवश्यकता और भूमि उपलब्धता के अनुसार वर्टिकल स्वरूप देने के निर्देश भी जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने संभल में वाराणसी और गोरखपुर मॉडल की तर्ज पर एकीकृत कलेक्ट्रेट भवन स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसके लिए 15 दिनों में डीपीआर तैयार करने का आदेश जारी हुआ। प्रमुख सचिव, न्याय विभाग को जिला न्यायालय की स्थापना हेतु तुरंत कार्रवाई शुरू करने और आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिला अस्पताल की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि को राजस्व विभाग से स्वास्थ्य विभाग को तुरंत हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दी गई। संभल में जिला कारागार और 24वीं वाहिनी पीएसी की स्थापना तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएसी भवन निर्माण को तेजी से पूरा करने को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नगर पालिका परिषद संभल क्षेत्र में सम्राट पृथ्वीराज चौहान और महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए शासन ने त्वरित अनुमति देने के निर्देश जारी किए हैं। तहसील सम्भल के 12 प्राचीन तीर्थ स्थलों के विकास एवं भू-क्रय के लिए धनराशि जारी करने का आदेश दिया गया। सम्भल के प्राचीन तीर्थ, कूप, कल्कि संग्रहालय, पर्यटन सुविधाएं, लाइट एंड साउंड शो, परिक्रमा मार्ग सहित कई विकास कार्यों के लिए 211 करोड़ का अनुपूरक बजट स्वीकृत किया गया। 24 कोसी परिक्रमा के लिए भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास हेतु कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। परिक्रमा मार्ग दो लेन का बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक और पौराणिक स्थलों के पास तीर्थयात्रियों के पड़ाव की रूपरेखा तैयार करने के आदेश दिए गए। अगले दो वर्षों के लिए 200 रुपए करोड़ के एस एंड डी बनाने के निर्देश दिए गए। जिले के सभी पौराणिक तीर्थस्थलों को न्यूनतम दूरी वाले मार्ग से जोड़ने का निर्देश दिया गया है, जिससे तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।नगर विकास विभाग की वंदन योजना, वाणिज्यिक नगरोदय योजना, अन्त्येष्टि स्थल विकास, जल निकासी योजना, झील/तालाब योजना और दीनदयाल नगर विकास योजना समेत कुल 105 परियोजनाओं के लिए तत्काल बजट निर्गत करने को निर्देशित किया गया। मनुष्मुना नदी के पुनर्जीवन के लिए जल्द प्रस्ताव तैयार करने और भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में CBG प्लांट स्थापित करने हेतु कार्यदायी संस्था नियुक्त करने के आदेश भी जारी हुए।